
आगामी दिवाली और लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर अपने पैतृक घर जाने वाले मुसाफिरों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। त्योहारी सीजन के दौरान नियमित ट्रेनों में बढ़ती वेटिंग लिस्ट और टिकटों की मारामारी को देखते हुए रेल मंत्रालय ने छह नई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों को चलाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह विशेष ट्रेनें सितंबर और अक्टूबर के पीक सीजन से लेकर नवंबर के अंतिम सप्ताह तक लगातार पटरियों पर दौड़ेंगी, जिससे लाखों प्रवासियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल सकेगा।
हर साल उत्तर भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाली नियमित ट्रेनों—जैसे संपूर्ण क्रांति, मगध, वैशाली और पूर्वा एक्सप्रेस—में टिकट बुकिंग शुरू होते ही मिनटों में ‘नो रूम’ (Regret) की स्थिति बन जाती है। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने पहले से ही अतिरिक्त रैक की व्यवस्था करते हुए प्रमुख औद्योगिक और मेट्रो शहरों से पूर्व की दिशा में चलने वाली इन छह जोड़ी विशेष रेलगाड़ियों के फेरों को अंतिम रूप दिया है।
रेलवे द्वारा घोषित की गई इन 6 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों से पटना, दरभंगा, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर और बनारस के बीच किया जाएगा। इन गाड़ियों के स्टॉपेज प्रमुख जंक्शनों पर दिए गए हैं ताकि ग्रामीण व कस्बाई इलाकों के मुसाफिरों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो।
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आनंद विहार टर्मिनल – पटना जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल: यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) व बक्सर के रास्ते राजधानी पटना पहुंचेगी।
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नई दिल्ली – दरभंगा जंक्शन क्लोन स्पेशल: उत्तर बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों के लिए यह विशेष ट्रेन सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर होते हुए दरभंगा तक जाएगी।
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बांद्रा टर्मिनस – गोरखपुर स्पेशल फेयर एक्सप्रेस: मुंबई और गुजरात के कपड़ा उद्योग में कार्यरत कामगारों की सुविधा के लिए यह ट्रेन सूरत, वडोदरा, कोटा, कानपुर सेंट्रल और लखनऊ के रास्ते गोरखपुर पहुंचेगी।
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छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) – बनारस पूजा स्पेशल: महाराष्ट्र से पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए यह ट्रेन प्रयागराज छिवकी और वाराणसी के लिए फेरे लगाएगी।
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सूरत – दानापुर (पटना) अनारक्षित व आरक्षित मिश्रित स्पेशल: दक्षिण गुजरात के सूरत और उधना से बिहार के दानापुर के बीच अतिरिक्त लोड को संभालने के लिए यह ट्रेन सप्ताह में दो बार चलेगी।
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अमृतसर – सहरसा जंक्शन फेस्टिवल एक्सप्रेस: पंजाब और हरियाणा के कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों से कोसी क्षेत्र जाने वाले प्रवासियों के लिए यह गाड़ी अंबाला, मुरादाबाद, बरेली, गोरखपुर और छपरा के रास्ते सहरसा जाएगी।
आमतौर पर स्पेशल ट्रेनों में महंगे किराए या केवल एसी कोच होने की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार रेलवे ने सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों का विशेष ख्याल रखा है। इन सभी छह स्पेशल ट्रेनों में मिक्स्ड कोच कंपोजिशन लागू किया गया है:
प्रत्येक ट्रेन में वातानुकूलित (2nd AC व 3rd AC) के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में स्लीपर (Sleeper Class) डिब्बे जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त अंतिम समय में यात्रा करने वाले दैनिक मजदूरों और जरूरतमंद यात्रियों के लिए न्यूनतम चार से छह सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Unreserved) कोच भी लगाए जाएंगे। जनरल डिब्बों के लिए स्टेशनों पर कतार प्रबंधन (Queue Management System) लागू किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ की स्थिति न बने।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन छह स्पेशल ट्रेनों का डेटाबेस भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के मुख्य यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) पर अपडेट किया जा रहा है। यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन और रेलवे स्टेशनों पर स्थित आरक्षण केंद्रों के जरिए आगामी कुछ दिनों में अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकेंगे।
इन विशेष ट्रेनों में यात्रियों के लिए तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटा भी निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी रूट पर यात्रियों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) बहुत अधिक बढ़ती है, तो नवंबर के पहले सप्ताह में इन ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे या आवश्यकतानुसार फेरों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
त्योहारों के दौरान नई दिल्ली, आनंद विहार, मुंबई सेंट्रल और सूरत जैसे प्रमुख स्टेशनों पर जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने संयुक्त सुरक्षा रणनीति तैयार की है।
स्टेशन परिसरों में होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं ताकि जब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर न लगे, तब तक यात्रियों को वेटिंग हॉल में व्यवस्थित तरीके से बैठाया जा सके। इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सहायता, शुद्ध पेयजल और खानपान के अतिरिक्त स्टॉल भी प्लेटफॉर्मों पर लगाए जाएंगे। ‘रेल मदद’ हेल्पलाइन 139 को 24 घंटे एक्टिव मोड में रखा गया है ताकि किसी भी असुविधा की स्थिति में मुसाफिरों को तुरंत सहायता मिल सके।
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