
दिल्ली-एनसीआर के लोग जिस पल का हफ्तों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वो आखिरकार आ ही गया. हफ्तों की भीषण गर्मी, उमस और जानलेवा लू (Heatwave) के टॉर्चर को खत्म करते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने दिल्ली में धमाकेदार एंट्री कर ली है. हालांकि, इस बार बदरा अपने तय समय से 5 दिन की देरी से पहुंचे हैं. मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और पूरे दिन आसमान में घने काले बादल छाए रहे. इसके चलते दिल्ली के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने लोगों को चिपचिपी उमस से बड़ी राहत दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी है.
आज के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी, 32 डिग्री तक गिरेगा पारा
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दिल्ली-एनसीआर में ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है. आज राजधानी के आसमान में आमतौर पर घने बादल छाए रहेंगे और कई दौर की मध्यम बारिश होने का अनुमान है. इस मानसूनी बौछार के चलते आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे मौसम बेहद सुहाना बना रहेगा.
5 जुलाई से शुरू होगा मूसलाधार बारिश का अगला राउंड, समझें ट्रफ का गणित
प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत (स्काईमेट वेदर) के अनुसार, मौसम प्रणाली (Weather System) में आए बदलाव के कारण दिल्ली में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ने वाली हैं. पलावत ने बताया, “मानसून की मुख्य मौसमी ट्रफ लाइन इस समय पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. अगले 24 से 48 घंटों में यह ट्रफ थोड़ी दक्षिण की ओर यानी मध्य भारत की तरफ खिसकेगी, जिससे मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में भारी बारिश होगी. इस दौरान दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश थोड़ी कम हो सकती है।”
लेकिन दिल्ली वालों के लिए असली ट्विस्ट 5 जुलाई से आएगा. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 5 जुलाई तक यह ट्रफ लाइन फिर से उत्तर की ओर (Northward Shift) बढ़ेगी, जिसके कारण दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मूसलाधार मानसून जैसी बारिश का एक और बेहद तगड़ा दौर देखने को मिलेगा.
2021 के बाद पहली बार जुलाई में शुरुआत, देखें पिछले सालों का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जून का महीना बीत जाने के बाद यानी जुलाई में दिल्ली पहुंचा है. इससे पहले साल 2021 में मानसून काफी लतीफ साबित हुआ था और 13 जुलाई को दिल्ली पहुंचा था. आइए एक नजर डालते हैं पिछले कुछ सालों में दिल्ली में मानसून के आगमन की तारीखों पर:
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2025: 29 जून
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2024: 28 जून
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2023: 25 जून
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2022: 30 जून
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2020: 25 जून
दिल्ली के पिछले 125 सालों के मौसम इतिहास को खंगालें तो यहाँ मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देरी से मानसून 26 जुलाई 1987 को दिल्ली पहुंचा था.
सफदरजंग से लेकर पालम तक टूटा रिकॉर्ड, 5 साल में सबसे ठंडी सुबह
मानसून की पहली फुहारों ने दिल्ली के तापमान को पूरी तरह से रीसेट कर दिया है. दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग (Safdarjung) में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम यानी 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री लुढ़ककर 22.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. यह 21 जुलाई 2021 के बाद से अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान है.
दिल्ली के अन्य इलाकों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा:
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पालम: अधिकतम 33°C | न्यूनतम 21.2°C
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लोदी रोड: अधिकतम 33°C | न्यूनतम 23.6°C
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रिज स्टेशन: अधिकतम 33.8°C | न्यूनतम 21°C
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अयानगर: अधिकतम 32.4°C | न्यूनतम 22.6°C
बदरा क्यों लेट हुए? प्री-मानसून की भीषण गर्मी ने बिगाड़ा खेल
इस साल मानसून के लेट होने की असली वजह बताते हुए एक्सपर्ट्स ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाएं (Easterly Winds), जो मानसून की लगातार बारिश के लिए ईंधन का काम करती हैं, वे समय पर दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नहीं पहुंच पाई थीं. इसके चलते प्री-मानसून का सीजन इस बार सामान्य से कई गुना ज्यादा गर्म और सूखा रहा.
आईएमडी के डेटा के मुताबिक, इस साल मार्च से जून के दौरान दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद सबसे गर्म है. वहीं, औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है. इसी अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण मानसूनी हवाओं को दिल्ली तक पहुंचने में अतिरिक्त संघर्ष करना पड़ा.
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