देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है. आसमान से बरसती आग को देखते हुए दिल्ली सरकार ने मजदूरों और आम जनता के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ जारी करते हुए आदेश दिया है कि अब दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच कोई भी मजदूर बाहर काम नहीं करेगा. यह फैसला मजदूरों को हीट स्ट्रोक से बचाने और उनकी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है.
मजदूरों के लिए 3 घंटे का अनिवार्य ब्रेक और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चाहे सरकारी प्रोजेक्ट हो या प्राइवेट कंस्ट्रक्शन, दोपहर के इन तीन घंटों में काम पूरी तरह बंद रहेगा. आदेश के मुताबिक, कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए पर्याप्त छाया, ठंडा पीने का पानी और ओआरएस (ORS) के पैकेट्स उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. सीएम गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि लू का असर हर किसी पर होता है, लेकिन सबसे ज्यादा जोखिम उन श्रमिकों को है जो घंटों चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते हैं. सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति गर्मी की वजह से अपनी जान न गंवाए.
बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों पर ‘जलदूतों’ की तैनाती
दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है. डीटीसी (DTC) की बसों में यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा, दिल्ली के 23 प्रमुख बस टर्मिनलों और बस स्टैंडों पर ‘जलदूत’ और ‘जल सेवक’ तैनात किए जा रहे हैं. ये कर्मचारी लोगों को ठंडा पानी और ओआरएस घोल पिलाएंगे. परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राजधानी के व्यस्त इलाकों में जल काउंटर स्थापित किए जाएं ताकि राहगीरों को लू से तुरंत राहत मिल सके.
अस्पतालों और स्कूलों में विशेष तैयारी: 330 एम्बुलेंस अलर्ट पर
गर्मी के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. 30 से ज्यादा सरकारी अस्पतालों में लू के मरीजों के लिए विशेष ‘कूल रूम’ (Cool Room) तैयार किए गए हैं. साथ ही, 339 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों को आइस पैक और जरूरी दवाओं से लैस किया गया है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 330 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और करीब 174 मेडिकल ऑफिसर व आशा कार्यकर्ताओं को लू से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई है. स्कूलों में भी बच्चों के लिए पानी, पंखे और ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
वॉलंटियर्स बांट रहे हैं टोपी और सूती मफलर
दिल्ली सरकार केवल प्रशासनिक आदेशों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं. विभिन्न इलाकों में वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं जो राहगीरों को धूप से बचने के लिए कैप (Cap) और कॉटन मफलर बांट रहे हैं. मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर के समय घर से बाहर निकलें और खुद को हाइड्रेटेड रखें. इस हीट वेव एक्शन प्लान के जरिए सरकार का लक्ष्य पूरी दिल्ली में एक मजबूत कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है.
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