Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान जंग के बीच कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव; $100 की आशंका के बीच गिरकर $76 पर आया ब्रेंट क्रूड

अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में भड़का सैन्य गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर दोनों तरफ से हुए भीषण हवाई हमलों और मिसाइल दागे जाने के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में बारूदी तनाव चरम पर है। ताजा ग्राउंड इनपुट्स के अनुसार, ईरान के बुशहर (जहां परमाणु संयंत्र है) और ईरानशहर एयरपोर्ट समेत कई तटीय शहरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने गए हैं।

हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी नए अटैक से साफ इनकार किया है। वहीं, ईरान की आक्रामक सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वैश्विक तेल व्यापार की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में दखलंदाजी जारी रही, तो इस जलमार्ग को सामान्य नहीं होने दिया जाएगा, जिससे दुनिया के कई मुल्कों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस भयंकर भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

$100 का डर और $76 पर क्रूड की नरमी: समझिए कीमतों का उतार-चढ़ाव

जब पिछले दिनों दोनों देशों के बीच प्रारंभिक सीजफायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बनी थी, तब कच्चा तेल रिकॉर्ड गिरावट के साथ 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में दो कमर्शियल तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले के बाद जैसे ही अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर जवाबी एयरस्ट्राइक की, बाजार में हड़कंप मच गया।

  • विशेषज्ञों का डर: कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई थी कि यदि दोनों देशों के बीच यह सीधा युद्ध नहीं रुका, तो क्रूड की कीमतें रॉकेट बनकर दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली जाएंगी। इस डर से एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड उछलकर 79 डॉलर पर पहुंच भी गया था।

  • ताजा राहत (शुक्रवार सुबह का ट्रेंड): अंतरराष्ट्रीय बाजार से आज (10 जुलाई 2026) सुबह राहत की खबर आई। राष्ट्रपति ट्रंप के संयमित बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी जा रही है।

    • वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) ऊपरी स्तरों से गिरकर 76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

    • वहीं, अमेरिकी मानक WTI क्रूड में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह 72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ, तो क्यों मचेगी दुनिया में तबाही?

ईरान की न्यूज एजेंसी ‘इरना’ ($IRNA$) के अनुसार, आईआरजीसी की धमकी को वैश्विक बाजार हल्के में नहीं ले सकता। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर ओमान की खाड़ी तक फैले बुशहर, सीरिक, अबू मूसा द्वीप, जास्क और चाबहार जैसे तटीय क्षेत्र सीधे वैश्विक शिपिंग रूट को नियंत्रित करते हैं। दुनिया का लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन इसी संकरे जलमार्ग से होता है। यदि ईरान यहां जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप करता है, तो कच्चे तेल की ग्लोबल सप्लाई चेन टूट जाएगी और कीमतों में ऐसा उछाल आएगा जिसे संभालना मुश्किल होगा।

देश में क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए दिल्ली के ताजा रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भले ही आज सुबह 3 डॉलर की नरमी देखी गई हो, लेकिन पिछले कुछ दिनों की अनिश्चितता और सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) वैश्विक जोखिमों को देखते हुए फिलहाल खुदरा कीमतों में कोई बदलाव करने के मूड में नहीं हैं।

शुक्रवार सुबह तेल कंपनियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक रेट के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं: