Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया पर सियासी संग्राम किरेन रीजीजू के सोरोस-पाक वाले वार पर अभिजीत दिपके का तीखा पलटवार

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से तूफ़ान मचाने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) को लेकर अब एक बहुत बड़ा राजनीतिक और डिजिटल विवाद खड़ा हो गया है। इस वर्चुअल आंदोलन को मिल रहे देशव्यापी समर्थन के पीछे केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा पाकिस्तान और अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का हाथ होने का अंदेशा जताए जाने के बाद, इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने सीधे तौर पर नाम लिए बिना इस डिजिटल मूवमेंट पर तीखा हमला बोला था।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा था:

“मुझे उन लोगों पर तरस आता है जो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस गैंग से अपने फॉलोअर्स तलाशते हैं। भारत के पास अपनी पर्याप्त आबादी और अत्यधिक ऊर्जावान युवा हैं, जो वास्तविक और मूल्यवान फॉलोअर्स बन सकते हैं! भारत विरोधी गैंग से सत्यापन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

“94% फॉलोअर्स भारतीय”… अभिजीत दिपके ने डेटा जारी कर रीजीजू को घेरा

केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया जगत में खलबली मच गई। इसके जवाब में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग साझा की। दिपके का दावा है कि यह उनके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दर्शकों का डेमोग्राफिक डेटा (भौगोलिक आंकड़े) है, जिसे उनका अकाउंट हैक होने से ठीक पहले मीडिया के साथ भी शेयर किया गया था।

अभिजीत दिपके ने सीधे केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू को टैग करते हुए सवाल दागा:

“डेटा के अनुसार हमारे 94 प्रतिशत से अधिक फॉलोअर्स और दर्शक भारत से ही हैं। आखिर एक केंद्रीय मंत्री भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी का टैग क्यों दे रहे हैं?”

कैसे शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और क्या है इसका इतिहास?

यह डिजिटल आंदोलन महज एक हफ्ते के भीतर देश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा एंगेजमेंट वाले सोशल मीडिया पेजों में से एक बनकर उभरा है। इसकी शुरुआत की कहानी बेहद चौंकाने वाली और दिलचस्प है। दरअसल, एक अदालती सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश द्वारा एक वकील के संदर्भ में की गई टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्द अचानक ट्रेंड करने लगे थे।

हालांकि, बाद में माननीय न्यायाधीश ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणियां केवल फर्जी और जाली डिग्री के सहारे वकालत के पेशे में आने वाले कुछ लोगों के खिलाफ थीं और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया।

युवाओं के मुद्दों को बनाया हथियार: बेरोजगारी और पेपर लीक पर घेरा

इस ऑनलाइन बहस और वायरल होते शब्दों का फायदा उठाते हुए अभिजीत दिपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक सटायरिकल (व्यंग्यात्मक) पेज तैयार किया। देखते ही देखते यह प्लेटफॉर्म देश के करोड़ों युवाओं के बीच बेरोजगारी, परीक्षाओं के भारी दबाव और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं के खिलाफ एक मजबूत और मुखर आवाज बन गया।

NEET-UG 2026 विवाद ने दी रफ्तार, इंस्टाग्राम पर BJP-Congress को पछाड़ा

देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच NEET-UG 2026 पेपर लीक और रिजल्ट को लेकर मचे भारी बवाल के दौरान इस पेज की लोकप्रियता में अप्रत्याशित उछाल आया। पीड़ित छात्रों और युवाओं के गुस्से को मंच देते हुए इस पेज ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की रेस में कुछ ही दिनों के भीतर देश की दोनों बड़ी पार्टियों- भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (INC) को भी पीछे छोड़ दिया।

अकाउंट्स हैक, ब्लॉक और जान से मारने की धमकी मिलने का गंभीर आरोप

इस अभूतपूर्व सफलता के बीच, अभिजीत दिपके ने सरकार और विभिन्न टेक एजेंसियों पर उनके इस आंदोलन को जबरन कुचलने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। दिपके का दावा है कि कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज, उनका पर्सनल इंस्टाग्राम अकाउंट और संगठन का एक्स (ट्विटर) हैंडल या तो हैक कर लिया गया है या फिर भारत में जियो-ब्लॉक (प्रतिबंधित) कर दिया गया है, जिसके चलते अब उनकी इन अकाउंट्स तक कोई पहुंच नहीं है।

दिपके के अनुसार, उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन पिटीशन (याचिका) शुरू की थी। इस याचिका पर लगभग 6 लाख लोगों ने अपने हस्ताक्षर किए थे और उनकी वेबसाइट पर 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके थे। आरोप है कि इसके तुरंत बाद उनकी वेबसाइट को रातों-रात बंद कर दिया गया और उन्हें अज्ञात नंबरों से जान से मारने की धमकियां भी मिलने लगीं।

जानिए कौन हैं ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के कर्ता-धर्ता अभिजीत दिपके?

इस पूरे डिजिटल बवंडर और वायरल आंदोलन के पीछे जो दिमाग है, वह अभिजीत दिपके का है। दिपके वर्तमान में अमेरिका के बोस्टन शहर में रहते हैं और एक अनुभवी पूर्व सोशल मीडिया कैंपेन वर्कर हैं। साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया कैंपेन और डिजिटल रणनीति के लिए भी काम किया था। फिलहाल, अपने सभी मुख्य और आधिकारिक अकाउंट्स बंद होने के बाद, उन्होंने हार न मानते हुए “Cockroach is Back” नाम से एक नया बैकअप अकाउंट बनाया है और इस डिजिटल मुहिम को आगे जारी रखने का एलान किया है।