Child PPF Account: बच्चे के नाम हर महीने ₹5,000 की बचत से बनेगा ₹16.27 लाख का बड़ा फंड

बच्चों की उच्च शिक्षा, करियर की शुरुआत या उनके अन्य बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कम उम्र से ही सही वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी है। यूं तो बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन भारतीय डाकघर और प्रमुख बैंकों में मिलने वाली केंद्र सरकार समर्थित ‘पब्लिक प्रॉविडेंट फंड’ (PPF) योजना आज भी सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के लिए माता-पिता की पहली पसंद बनी हुई है। जोखिम-मुक्त होने के कारण इसमें जमा किया गया एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

₹5,000 महीने के निवेश से 15 साल में कितना मिलेगा? जानें पूरा गणित

वर्तमान में सरकार पीपीएफ खातों पर 7.1% सालाना ब्याज दर की पेशकश कर रही है। यदि आप अपने नाबालिग बच्चे के नाम से पीपीएफ खाता खोलकर उसमें हर महीने ₹5,000 (यानी ₹60,000 सालाना) का निवेश करते हैं, तो 15 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर आपके पास एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो जाएगा।

विवरण राशि (रुपये में)
मासिक निवेश ₹5,000
वार्षिक कुल निवेश ₹60,000
15 साल में जमा कुल मूलधन ₹9,000,00 (₹9 लाख)
7.1% दर से अनुमानित ब्याज ₹7,27,284 (लगभग ₹7.3 लाख)
15 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि ₹16,27,284 (लगभग ₹16.3 लाख)

(नोट: पीपीएफ की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार द्वारा हर तिमाही की जाती है, इसलिए 15 साल बाद मिलने वाले अंतिम रिटर्न में आंशिक बदलाव संभव है।)

बच्चे के नाम PPF खाता खोलने के नियम: ₹1.5 लाख की सीमा का रखें ध्यान

माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने नाबालिग बच्चे के नाम से पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। लेकिन इसमें आयकर नियमों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त है।

अभिभावक के स्वयं के पीपीएफ खाते और बच्चे के पीपीएफ खाते में जमा की गई कुल वार्षिक राशि मिलकर एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आप अपने स्वयं के पीपीएफ खाते में पहले से ही सालाना ₹1.5 लाख जमा कर रहे हैं, तो आप बच्चे के खाते में अतिरिक्त राशि जमा करके उस पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकते।

पावर ऑफ कंपाउंडिंग और 15 साल बाद अकाउंट बढ़ाने का विकल्प

पीपीएफ का असली जादू केवल तय ब्याज दर में नहीं, बल्कि ‘पावर ऑफ कंपाउंडिंग’ (ब्याज पर ब्याज) में छिपा है। शुरुआती वर्षों में ब्याज की राशि छोटी लग सकती है, लेकिन 10वें साल के बाद फंड की रफ्तार तेजी से बढ़ती है।

यदि 15 साल की मैच्योरिटी के बाद भी आपको तुरंत पैसों की आवश्यकता न हो, तो आप इस खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे (Extend) बढ़ा सकते हैं। ऐसा करने पर जब आपका बच्चा 18-20 वर्ष की आयु में कॉलेज शिक्षा के लिए कदम बढ़ाएगा, तब तक उसके पास ₹25 से ₹30 लाख तक का विशाल फंड तैयार हो सकता है।

ट्रिपल टैक्स छूट (EEE Category) का बंपर फायदा

पीपीएफ देश की उन चुनिंदा बचत योजनाओं में शामिल है जिन्हें EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का दर्जा प्राप्त है:

  • टैक्स में छूट (Section 80C): हर साल जमा की जाने वाली राशि पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।

  • ब्याज पर शून्य टैक्स: हर साल खाते में जुड़ने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है।

  • मैच्योरिटी पर कोई टैक्स नहीं: 15 साल बाद निकाली जाने वाली पूरी मैच्योरिटी राशि पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता।

क्या पीपीएफ आपके बच्चे के लिए सही निवेश है?

यदि आप 3 से 5 साल जैसी छोटी अवधि के लिए निवेश का विकल्प तलाश रहे हैं, तो पीपीएफ उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसमें 15 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड होता है (हालांकि कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी की अनुमति है)। लेकिन यदि आपका लक्ष्य बच्चे की उच्च शिक्षा, शादी या उनके भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देना है, तो जीरो-रिस्क वाले इस सरकारी विकल्प से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।