लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ, संगम नगरी प्रयागराज और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी जल्द ही देश के सबसे आधुनिक और तेज रेल नेटवर्क यानी बुलेट ट्रेन (High-Speed Rail) से जुड़ने वाले हैं। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल (HSR) कॉरिडोर पर काम की रफ्तार तेज हो गई है, जिससे अब इन शहरों के बीच की दूरियां घंटों के बजाय मिनटों में सिमटने वाली हैं।
प्रयागराज से लखनऊ: 5 घंटे का सफर अब सिर्फ 48 मिनट में
रेल मंत्रालय द्वारा साझा की गई प्रस्तावित समय सारिणी के अनुसार, बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद प्रयागराज से लखनऊ का सफर मात्र 48 मिनट का रह जाएगा। वर्तमान में यह दूरी तय करने में ट्रेन या सड़क मार्ग से 3 से 5 घंटे का समय लगता है। इसी तरह, धार्मिक पर्यटन के केंद्र लखनऊ से अयोध्या की दूरी तो महज 35 मिनट में पूरी हो जाएगी।
दिल्ली से वाराणसी का सफर: 3 घंटे 33 मिनट में पूरी होगी यात्रा
प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली और यूपी के प्रमुख शहरों के बीच की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगा। हाईस्पीड ट्रेन के जरिए दिल्ली से प्रयागराज पहुंचने में 3 घंटे से भी कम समय लगेगा, जबकि वर्तमान में वंदे भारत जैसी ट्रेनों से भी 7 घंटे का समय लगता है। प्रस्तावित समय सारिणी एक नजर में:
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प्रयागराज से दिल्ली: करीब 3 घंटे
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दिल्ली से लखनऊ: 2 घंटे 12 मिनट
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दिल्ली से अयोध्या: 2 घंटे 47 मिनट
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दिल्ली से वाराणसी: 3 घंटे 33 मिनट
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लखनऊ से वाराणसी: 1 घंटा 21 मिनट
प्रयागराज में रूट को लेकर सस्पेंस: जंक्शन या बाहरी इलाका?
प्रयागराज में बुलेट ट्रेन के रूट और स्टेशन की जमीन को लेकर तकनीकी सर्वे की तैयारियां तेज हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कॉरिडोर शहर के बीचों-बीच प्रयागराज जंक्शन के ऊपर से गुजरेगा या बाहरी हिस्से से। सूत्रों के अनुसार, घनी आबादी और जमीन अधिग्रहण की चुनौतियों को देखते हुए लखनऊ-वाराणसी रूट को फाफामऊ और भदोही के रास्ते ले जाना अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है। हालांकि, स्टेशन की सटीक लोकेशन का अंतिम फैसला विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के बाद ही होगा।
यूपी की इकोनॉमी के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ बनेगा कॉरिडोर
यह हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट केवल यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा साबित होगा। दिल्ली से वाराणसी के बीच पड़ने वाले मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज के बीच तेज कनेक्टिविटी से व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। विशेष रूप से संगम नगरी और अयोध्या आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं होगी।
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