
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) नाशिक धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी मदद करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। आरोपी निदा खान को पनाह देने वाले AIMIM पार्षद मतीन पटेल अब प्रशासन के रडार पर हैं। नगर निगम ने पार्षद की अवैध संपत्तियों को लेकर ‘बुलडोजर ऐक्शन’ के संकेत दे दिए हैं।
दो अवैध संपत्तियों पर नगर निगम का नोटिस
नगर निगम ने एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल को उनकी दो संपत्तियों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मेयर समीर राजुरकर के अनुसार, कौसर बाग स्थित पार्षद का घर और उनका कार्यालय प्रथम दृष्टया अवैध पाया गया है। नगर निगम का कहना है कि इन इमारतों के निर्माण में नियमों की अनदेखी की गई है। पार्षद को अपने पक्ष में दस्तावेज पेश करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है।
सदस्यता रद्द होने की लटकी तलवार
पार्षद मतीन पटेल के लिए मुश्किलें केवल मकान और दफ्तर तक सीमित नहीं हैं। महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत, यदि कोई पार्षद स्वयं अवैध निर्माण में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी निगम सदस्यता रद्द की जा सकती है। मेयर ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर निर्माण गिराने के साथ-साथ सदस्यता पर भी अंतिम निर्णय आयुक्त और सदन द्वारा लिया जाएगा।
निदा खान को पनाह देने का है आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि नाशिक से फरार होने के बाद निदा खान और उसका परिवार छत्रपति संभाजीनगर में पार्षद मतीन पटेल के कौसर बाग स्थित आवास पर रुका था। पहली बार पार्षद बने 35 वर्षीय मतीन पर आरोप है कि उन्होंने गंभीर धाराओं में नामजद आरोपी को शरण दी। बता दें कि निदा खान पर अपनी महिला सहकर्मियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप हैं, जिसके बाद उसे गुरुवार को नाशिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
POSH नियमों की अनदेखी और NCW की सख्ती
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कार्यस्थल पर POSH (Prevention of Sexual Harassment) नियमों की अनदेखी और नफरती माहौल बनाने को लेकर डरावने हालात बयां किए हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि निदा खान के इस नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश लोग शामिल हैं।
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