BSNL 77000 Crore Plan: सरकारी टेलीकॉम महाबली BSNL ने बनाया ₹77,000 करोड़ का मेगा प्लान! 2 लाख नए 4G साइट्स और 5G रोलआउट से प्राइवेट बाहुबलियों की हिलेगी कुर्सी

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में निजी कंपनियों के दबदबे को सीधी चुनौती देने के लिए सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संसद की स्थायी समिति को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएनएल ने देश में अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार लाने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹77,000 करोड़ के पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure – CapEx) का एक महा-प्लान तैयार किया है। इस भारी-भरकम निवेश के जरिए BSNL देश भर में 4G और 5G सेवाओं का आक्रामक विस्तार करेगा, जिससे प्राइवेट टेलीकॉम ‘बाहुबलियों’ के मार्केट शेयर और महंगे रीचार्ज प्लान्स वाले एकाधिकार पर सीधा असर पड़ने के आसार हैं।

2 लाख नए 4G साइट्स और 5G सर्विस की तैयारी

बीएसएनएल के इस ₹77,000 करोड़ के पांच-वर्षीय मेगा प्लान के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में काम किया जाएगा:

  • 2 लाख नई 4G साइट्स: स्वदेशी तकनीक पर आधारित 4G नेटवर्क को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए 2 लाख से अधिक नई 4G साइट्स/टावर लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में नेटवर्क कवरेज मजबूत होगी।

  • रणनीतिक 5G रोलआउट: उच्च-ट्रैफिक वाले प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और रणनीतिक लोकेशंस पर BSNL अपनी 5G सेवाओं की औपचारिक शुरुआत और आक्रामक विस्तार करेगा।

  • 98% राष्ट्रव्यापी कवरेज: कंपनी का लक्ष्य देश के 98 प्रतिशत भौगोलिक हिस्से तक अपनी तेज नेटवर्क पहुंच बनाना है।

  • FY29 तक ऑपरेशन्स में ब्रेक-ईवन: इस व्यापक निवेश और सुधरती कनेक्टिविटी के दम पर BSNL ने वित्त वर्ष 2028-29 (FY29) तक परिचालन स्तर (Operational Breakeven) पर लाभ कमाने का लक्ष्य रखा है, जो पहले FY32 का माना जा रहा था।

वोडाफोन-आइडिया (Vi) के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग की भी योजना

बीएसएनएल न केवल भारी-भरकम फंड जुटाकर काम कर रहा है, बल्कि लागत को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक साझेदारियों का भी सहारा ले रहा है। खर्च में कटौती करने और नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए BSNL और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone Idea) के बीच टॉवर और ऑप्टिकल फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर को आपस में शेयर करने को लेकर बातचीत चल रही है। चूंकि दोनों ही कंपनियों में भारत सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है, ऐसे में यह साझेदारी दोनों कंपनियों के नेटवर्क की कमियों को दूर करने और बिना अतिरिक्त भारी खर्च के कवरेज बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

प्राइवेट कंपनियों के लिए क्यों बनेगा बड़ा खतरा?

हाल के महीनों में निजी टेलीकॉम कंपनियों द्वारा रीचार्ज प्लान्स की दरों में की गई भारी बढ़ोतरी (Tariff Hike) के बाद बड़ी संख्या में मोबाइल उपभोक्ता सस्ते और किफायती विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं।

  • किफायती टैरिफ: बीएसएनएल के पास वर्तमान में देश के सबसे सस्ते मोबाइल और ब्रॉडबैंड डेटा प्लान्स मौजूद हैं।

  • नेटवर्क गैप होगा खत्म: अब तक BSNL के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा कमजोर 4G/5G नेटवर्क और कम टावर होना था। ₹77,000 करोड़ के इस निवेश से जब 2 लाख नए टावर लगेंगे और स्वदेशी 4G/5G स्पीड मिलेगी, तो करोड़ों उपभोक्ता Jio और Airtel को छोड़कर BSNL में पोर्ट कराने की ओर बढ़ सकते हैं।

बीएसएनएल द्वारा खुद को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय ऑपरेटर के रूप में री-लांच करने की यह कोशिश न केवल देश में डिजिटल पहुंच को बढ़ाएगी, बल्कि महंगे होते टेलीकॉम बाजार में ग्राहकों को एक मजबूत और सस्ता विकल्प भी प्रदान करेगी।