मणिपुर में सुबह-सुबह उग्रवादियों का खूनी तांडव! 3 ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या, फूंक दिए कई घर

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से एक बार फिर बेहद परेशान और विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ समय से शांत दिख रहे इस सीमावर्ती राज्य में उग्रवादियों ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। यह दिल दहला देने वाली वारदात आज तड़के सुबह करीब 4 बजे की है, जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया हुआ था। भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों के एक समूह ने अचानक एक ग्रामीण इलाके पर चौतरफा धावा बोल दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते और अपनी जान बचाने के लिए भागते, उग्रवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए कायरतापूर्ण हमले में 3 स्थानीय ग्रामीणों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

खूनखराबे के बाद 7 घरों को किया आग के हवाले, मचा हाहाकार उग्रवादियों का तांडव सिर्फ हत्याओं तक ही सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों में दहशत पैदा करने और इलाके को दहलाने के मकसद से हमलावरों ने भारी तबाही मचाई। उन्होंने एक के बाद एक करीब 7 रिहायशी घरों को निशाना बनाया और उन्हें आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका आग की लपटों और धुएं के गुबार से घिर गया। घर के भीतर रखा कीमती सामान और अनाज जलकर खाक हो गया। पीड़ित परिवारों के पास अब सिर छुपाने तक की जगह नहीं बची है। इस भीषण अग्निकांड और हिंसा के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार और हाहाकार मच गया, जिससे लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।

सुरक्षाबलों का भारी जमावड़ा और चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन जारी इस बड़े उग्रवादी हमले की सूचना मिलते ही सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीमें बिना कोई वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पूरे प्रभावित इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावर उग्रवादी वारदात को अंजाम देकर पास के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों की तरफ भाग निकले हैं। उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों द्वारा चप्पे-चप्पे पर एक बड़ा और सघन सर्च ऑपरेशन (खोजी अभियान) चलाया जा रहा है। इलाके में किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है।

शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका और फिर सुलग उठा मणिपुर इस ताजा और भीषण हिंसा ने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के सरकारी और सामाजिक प्रयासों को एक बार फिर बहुत बड़ा झटका दिया है। कूटनीतिक और सुरक्षा मामलों के जानकार इस हमले को शांति व्यवस्था को पटरी से उतारने की एक बड़ी साजिश के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। इस खूनी वारदात के बाद से न केवल मणिपुर बल्कि पूरे देश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरी चिंता पैदा हो गई है, और हर कोई अब सरकार से इन उग्रवादी संगठनों के खिलाफ बेहद सख्त और निर्णायक कार्रवाई की मांग कर रहा है।