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Bihar Vridha Pension e-KYC: बिहार वृद्धा पेंशन के लिए ई-केवाईसी और जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य; बंद हो सकती है मासिक पेंशन

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (MVPY) तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सरकार के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, पेंशन की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने के लिए सभी लाभार्थियों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार अपना ई-केवाईसी (e-KYC) और वार्षिक जीवन प्रमाणीकरण (Life Certificate Verification) कराना अनिवार्य है।

यदि लाभार्थी तय समय सीमा के भीतर अपना भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन नहीं कराते हैं, तो पोर्टल पर उनका डेटा निष्क्रिय (Inactive) कर दिया जाता है और आगामी महीनों की पेंशन रोक दी जाती है। ऐसे में किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय रहते ई-केवाईसी की स्थिति जांचना और प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है।

प्रक्रिया शुरू करने से पहले लाभार्थी के निम्नलिखित दस्तावेज अपने पास तैयार रखें:

  1. आधार कार्ड: लाभार्थी का मूल आधार कार्ड (जिसमें नाम और जन्मतिथि सही दर्ज हो)।

  2. बैंक खाता पासबुक: वही बैंक खाता जो पेंशन योजना से लिंक हो और डीबीटी (DBT/Aadhaar Seeded) सक्रिय हो।

  3. लाभार्थी संख्या (Beneficiary ID / SSPMIS ID): स्वीकृति पत्र या पासबुक में दर्ज पेंशन आईडी।

  4. मोबाइल नंबर: ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन और सूचनाओं के लिए चालू मोबाइल नंबर।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी ई-केवाईसी पहले से पूरी है या अधूरी, तो आप अपने मोबाइल ब्राउज़र से इसे 2 मिनट में ट्रैक कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले बिहार सरकार के आधिकारिक पेंशन पोर्टल elabharthi.bihar.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर दिए गए ‘Check Your Payment Status’ या ‘Payment Report’ विकल्प पर क्लिक करें।

  3. वित्तीय वर्ष (Financial Year) का चयन करें।

  4. अब सर्च फिल्टर में से अपनी सुविधा अनुसार कोई एक विकल्प चुनें—आधार नंबर (Aadhaar Number), खाता संख्या (Account Number) या बेनेफिशरी आईडी (Beneficiary ID)।

  5. संबंधित नंबर दर्ज करने के बाद ‘Search’ बटन पर क्लिक करें।

  6. स्क्रीन पर लाभार्थी का पूरा विवरण खुलकर आ जाएगा, जहां ‘Jeevan Pramaan Status / e-KYC Status’ में ‘Verified’ या ‘Pending’ की स्थिति स्पष्ट दिख जाएगी। यदि वहां स्टेटस पेंडिंग या ड्यू दिख रहा है, तो तत्काल प्रमाणीकरण कराना होगा।

1. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / वसुधा केंद्र) के माध्यम से:

चूंकि वरिष्ठ नागरिकों के मामले में बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान या आइरिस स्कैन) की आवश्यकता होती है, इसलिए सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका सीएससी केंद्र है:

  • लाभार्थी अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल के साथ नजदीकी सीएससी या प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय जाएं।

  • सीएससी वीएलई (VLE) ‘डिजिटल सेवा कनेक्ट’ के जरिए ई-लाभार्थी पोर्टल पर लॉगिन करेगा।

  • लाभार्थी का आधार नंबर दर्ज कर बायोमेट्रिक मशीन (फिंगरप्रिंट स्कैनर या मंत्रा/मॉर्फो आइरिस डिवाइस) पर अंगूठा या आंखें स्कैन कराएं।

  • सत्यापन सफल होते ही सिस्टम द्वारा तुरंत ‘जीवन प्रमाणीकरण रसीद’ (Life Certificate Acknowledgement Slip) जारी कर दी जाएगी, जिसे सुरक्षित रख लें।

2. प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय में निःशुल्क सुविधा:

यदि किसी बुजुर्ग व्यक्ति की उंगलियों के निशान उम्र अधिक होने के कारण नहीं आ रहे हैं (Biometric Mismatch), तो वे अपने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय के आरटीपीएस/सामाजिक सुरक्षा काउंटर पर जा सकते हैं। वहां आइरिस (आंख की पुतली) स्कैन अथवा ब्लॉक लॉगिन के माध्यम से विशेष सत्यापन किया जाता है।

प्रमुख बिंदु आधिकारिक नियम एवं व्यवस्था
संबंधित योजना मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (MVPY) व अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशनें
प्रमाणीकरण की आवृत्ति वर्ष में एक बार (वार्षिक नवीनीकरण)
सत्यापन का माध्यम आधार आधारित बायोमेट्रिक / आइरिस स्कैन
आधिकारिक वेबसाइट elabharthi.bihar.gov.in एवं sspmis.bihar.gov.in
टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-345-6262 (सुबह 10:00 से शाम 05:00 बजे तक)
  1. आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding): केवल बैंक खाते में आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है; खाते का एनपीसीआई (NPCI) मैपर पर डीबीटी इनेबल्ड (Aadhaar Seeded) होना अनिवार्य है, अन्यथा पैसा ट्रेजरी से जारी होने के बाद भी खाते में क्रेडिट नहीं होगा।

  2. नाम में अंतर: आधार कार्ड और बैंक पासबुक में दर्ज नाम की स्पेलिंग एक समान होनी चाहिए। यदि बड़ा अंतर है, तो बैंक शाखा में जाकर सुधार कराएं।

  3. किसी अनजान को न दें ओटीपी: ई-केवाईसी के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर बैंक विवरण अथवा आधार ओटीपी साझा न करें। सरकारी पोर्टल या अधिकृत सीएससी पर स्वयं उपस्थित होकर ही प्रमाणीकरण कराएं।