Bengaluru ISIS Terror Module Case: बेंगलुरु में ISIS साजिश मामले में पहली बार कोर्ट ने सुनाई सजा, मुख्य आरोपी हनीफ को 7 साल की कठोर जेल

बेंगलुरु में आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े आतंकी साजिश मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। इस बेहद संवेदनशील मामले में पहली बार किसी आरोपी को अदालत द्वारा सजा सुनाई गई है। विशेष एनआईए कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को दोषी पाते हुए 7 साल की कठोर कारावास (Rigid Imprisonment) और 48 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है। इस मामले में हनीफ खान पहला ऐसा आरोपी है जिसे कानून के तहत सजा मुकर्रर की गई है। आरोपी ने अक्टूबर 2025 में ट्रायल के दौरान अदालत के सामने स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल कर लिया था।

जंगलों में आतंकी ट्रेनिंग कैंप बनाने की थी खतरनाक साजिश

एनआईए (NIA) द्वारा की गई गहन जांच में इस आतंकी मॉड्यूल की कई खौफनाक साजिशें उजागर हुई हैं। जांच के अनुसार, मोहम्मद हनीफ खान उस कोर टीम का एक सक्रिय सदस्य था, जिसने कर्नाटक के चामराजनगर जिले के शिवनसमुद्र और गुंडलुपेट के घने जंगलों में ऐसे गुप्त ठिकानों (Safe Houses) की रेकी की थी, जहां आतंकियों को हथियारों की ट्रेनिंग दी जा सके और उनके छिपने की फुलप्रूफ व्यवस्था की जा सके। इस पूरे मॉड्यूल का अंतिम और खतरनाक मकसद भारत के भीतर आईएसआईएस (ISIS) का एक अलग राज्य (Islamic State) स्थापित करना था।

बेंगलुरु का मेहबूब पाशा था इस मॉड्यूल का असली मास्टरमाइंड

जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस पूरी आतंकी साजिश का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा था। पाशा बेंगलुरु स्थित अपने निजी आवास पर नियमित रूप से गुपचुप बैठकें आयोजित करता था। इन बैठकों में भारत के विभिन्न हिस्सों में टारगेट किलिंग (Target Killing) करने, बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने और युवाओं को गुमराह कर आईएसआईएस के हिंसक एजेंडे को देश भर में फैलाने की विस्तृत योजनाएं बनाई जाती थीं।

भारी मात्रा में हथियार जुटाए: बेंगलुरु से बंगाल तक फैला था नेटवर्क

आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा ने मोहम्मद हनीफ खान को दो अवैध पिस्टल और 60 जिंदा कारतूस मुहैया कराए थे। जांच में यह भी बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हनीफ खान इस मॉड्यूल के लिए लॉजिस्टिक्स का काम संभाल रहा था। उसने बेंगलुरु से लेकर पश्चिम बंगाल तक कई संदिग्ध आतंकियों को पुलिस से बचाते हुए किराये की कारों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।

20 आरोपियों पर चार्जशीट; ऑनलाइन हैंडलर की तलाश अभी भी जारी

यह पूरा मामला सबसे पहले 10 जनवरी 2020 को कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में एनआईए को सौंप दिया गया था। जांच एजेंसी अब तक इस मामले में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मोहम्मद हनीफ खान को सजा मिलने के बाद भी एनआईए की तफ्तीश रुकी नहीं है। एजेंसी अब उस मुख्य ‘ऑनलाइन हैंडलर’ (Online Handler) की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो विदेशों में बैठकर इंटरनेट के माध्यम से इस पूरे बेंगलुरु आईएसआईएस मॉड्यूल को फंड्स दे रहा था और ऑपरेट कर रहा था।