नई दिल्ली: देश के मध्यम और गरीब वर्ग के बैंक ग्राहकों के लिए केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब आपको अपने बैंक खाते में एक निश्चित बैलेंस बनाए रखने की टेंशन नहीं लेनी होगी। 6 प्रमुख सरकारी बैंकों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘मिनिमम बैलेंस’ (Minimum Balance) न रखने पर लगने वाले जुर्माने (Penalty) को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
अक्सर देखा जाता था कि खाते में कम पैसे होने पर बैंक पेनाल्टी काट लेते थे, जिससे कई बार ग्राहकों का बैलेंस ‘माइनस’ में चला जाता था। अब इस समस्या से स्थाई छुटकारा मिल गया है।
इन 6 सरकारी बैंकों ने दी बड़ी राहत
जुलाई 2025 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत अब ये बैंक अपने ग्राहकों से औसत मासिक शेष (AMB) न रखने पर कोई शुल्क नहीं वसूल रहे हैं:
| बैंक का नाम | राहत की स्थिति |
|---|---|
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | सभी बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता पहले ही खत्म। |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | जुलाई 2025 से जुर्माने का शुल्क शून्य कर दिया गया। |
| बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) | जुर्माने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। |
| केनरा बैंक | सभी प्रकार के बचत खातों से पेनाल्टी हटाने की घोषणा। |
| इंडियन बैंक | छोटे जमाकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क हटाया। |
| बैंक ऑफ इंडिया (BoI) | नियमों में संशोधन कर वित्तीय राहत प्रदान की। |
आखिर क्यों लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला?
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘वित्तीय समावेशन’ (Financial Inclusion) को बढ़ावा देना है।
गरीबों को फायदा: सरकार चाहती है कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी बैंकिंग सिस्टम से जुड़े और उसे जुर्माने का डर न रहे।
जन धन का असर: वर्तमान में देश में लगभग 72 करोड़ ऐसे खाते हैं (जैसे जन धन खाते), जिनमें पहले से ही मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं होती। अब इसी मॉडल को सामान्य बचत खातों पर भी लागू किया जा रहा है।
प्राइवेट बैंक अब भी सख्त: जेब पर भारी पड़ रही पेनाल्टी
एक ओर जहाँ सरकारी बैंकों (PSBs) ने आम जनता के लिए दरवाजे खोल दिए हैं, वहीं निजी क्षेत्र (Private Banks) के नियम अब भी सख्त बने हुए हैं।
बढ़ती सीमा: कुछ निजी बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस की सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 तक कर दिया है।
भारी जुर्माना: सीमा का उल्लंघन होने पर ये बैंक अब भी ग्राहकों से भारी जुर्माना वसूल रहे हैं।
महत्वपूर्ण नोट: बैंकों द्वारा दी गई यह राहत केवल ‘न्यूनतम शेष राशि’ के जुर्माने पर है। अन्य सेवाएं जैसे SMS अलर्ट या ATM निकासी शुल्क पर बैंक के पुराने नियम लागू रह सकते हैं। बैंक जाने या लेनदेन करने से पहले अपनी ब्रांच के अपडेटेड नियमों की जानकारी जरूर ले लें।
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