Ayodhya Ram Mandir Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज कोर्ट में होगी 8 आरोपियों की पेशी, पुलिस मांग सकती है कस्टडी रिमांड

अयोध्या: भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान के रूप में आने वाले नकद व आभूषणों की चोरी के संवेदनशील मामले में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठों आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत आज सोमवार, 29 जून 2026 को समाप्त हो रही है। इसी के तहत आज उन्हें एक बार फिर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

इससे पहले शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद मोहर्रम के अवकाश के कारण, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था के तहत आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए होगी पेशी, पुलिस मांग सकती है पुलिस रिमांड

मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या पुलिस इन सभी 8 आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में लाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से ‘भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट’ (Anti-Corruption Court) में पेश करेगी।

इस केस की कमान संभाल रहे क्षेत्राधिकारी (CO) अयोध्या और मामले के मुख्य विवेचक आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम आज अदालत से आरोपियों की कस्टडी रिमांड (Police Custody Remand) की मांग के लिए आवेदन कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इन आरोपियों को अपने साथ लेकर चोरी किए गए आभूषणों और नकदी की बरामदगी के लिए कड़ाई से पूछताछ करना चाहती है, जिसके लिए पुलिस रिमांड मिलना बेहद जरूरी है।

अयोध्या के वकील नहीं लड़ेंगे केस: फैजाबाद बार एसोसिएशन आज लेगा अंतिम फैसला

चढ़ावा चोरी के इस घिनौने मामले को लेकर अयोध्या और फैजाबाद के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वकीलों में भी भारी आक्रोश है। फैजाबाद बार एसोसिएशन (Faizabad Bar Association) के पदाधिकारियों और वकीलों ने प्राथमिक रूप से यह ऐलान किया है कि वे देश और सनातन आस्था के केंद्र राम मंदिर से चोरी करने वाले इन आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे। इस संबंध में बार एसोसिएशन की आज सोमवार को एक महत्वपूर्ण आमसभा (General Body Meeting) बुलाई गई है, जिसमें इस पर अंतिम और औपचारिक मुहर लगाई जाएगी।

बड़ा खुलासा: आरोपी टिन्नू यादव के घर मिले लग्जरी सामान और जेवरात, ट्रस्ट के कर्मियों से होगी पूछताछ

रविवार को अयोध्या पुलिस की विभिन्न टीमों ने इस मामले में जेल में बंद सभी आरोपियों के पैतृक और स्थानीय आवासों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।

  • बरामदगी: इस छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के घर से पुलिस को भारी मात्रा में कीमती सोने-चांदी के जेवरात, विलासिता (लग्जरी) के सामान और बेहिसाब संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने तत्काल जब्त कर लिया है। अन्य आरोपियों के घरों से भी मोटी नकदी और बैंक पासबुक बरामद हुई हैं।

  • बढ़ेगा जांच का दायरा: सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस महा-चोरी के पीछे एक बड़ा नेक्सस काम कर रहा था। पुलिस अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अन्य कर्मचारियों और इन आरोपियों को नौकरी पर लगवाने वाले रसूखदार लोगों (सिफारिशकर्ताओं) को नोटिस भेजकर पूछताछ की तैयारी में है।

आईएएस योगेश्वर राम मिश्रा बन सकते हैं राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ (CEO)

इस बड़े सुरक्षा और प्रशासनिक लूपहोल के सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि वरिष्ठ IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जा सकता है।

योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश के बेहद अनुभवी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे विश्वासपात्र अफसरों में से एक माने जाते हैं। वे पूर्व में अयोध्या, वाराणसी और बाराबंकी जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारी (DM) रह चुके हैं। इसके अलावा विंध्याचल मंडल के कमिश्नर रहते हुए उन्होंने ‘विंध्य कॉरिडोर’ के भव्य निर्माण कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कराया था। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से मंदिर के चढ़ावे, सुरक्षा और प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और अभेद्य हो जाएगी।

SIT के साथ जल्द हो सकती है सीबीआई (CBI) की एंट्री

चूंकि यह मामला देश-विदेश में बैठे करोड़ों राम भक्तों की आस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार इसकी जांच में कोई ढील नहीं छोड़ना चाहती। वर्तमान में इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) काम कर रही है, लेकिन अयोध्या के प्रशासनिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, इस दान चोरी मामले के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कनेक्शन को खंगालने के लिए बहुत जल्द सीबीआई (CBI) को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

इन 8 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

मंदिर में चढ़ावे की रकम और आभूषणों की गिनती (Donation Counting Department) के काम में तैनात जिन आठ कर्मचारियों को रंगे हाथों और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. अविनाश शुक्ला

  2. अनुकल्प मिश्रा

  3. लवकुश मिश्रा

  4. मनीष कुमार यादव

  5. करुणेश पांडे

  6. रामशंकर मिश्रा

  7. सुभाष श्रीवास्तव

  8. रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव