जेईई एडवांस्ड की आंसर-की के बाद मार्क्स वर्सेज रैंक का पूरा गणित ,जानें कितना स्कोर है जरूरी

जेईई एडवांस्ड 2026 (JEE Advanced) की आधिकारिक आंसर-की जारी होने के बाद देश भर के हजारों छात्रों ने अपने संभावित अंकों का मोटा-मोटा अनुमान लगा लिया है। हालांकि, उम्मीदवारों के भाग्य का अंतिम फैसला आगामी 1 जून 2026 को प्रस्तावित रिजल्ट के साथ ही होगा। रिजल्ट जारी होने के ठीक अगले दिन, यानी 2 जून से जोसा (JoSAA) काउंसलिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जिसके जरिए छात्रों को देश के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT) संस्थानों में सीटें अलॉट की जाएंगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस साल भी आईआईटी की टॉप और प्रीमियम ब्रांचेज में दाखिले के लिए छात्रों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलने वाली है।

परीक्षा का रिव्यू: पेचीदा केमिस्ट्री और लंबे गणित ने छुड़ाए पसीने, पेपर 2 रहा सबसे कठिन

छात्रों और शिक्षकों से मिले शुरुआती फीडबैक के अनुसार, जेईई एडवांस्ड 2026 का ओवरऑल कठिनाई स्तर ‘मध्यम से कठिन’ (Moderate to Difficult) श्रेणी का रहा।

गणित (Mathematics): दोनों ही पेपरों में मैथ्स को सबसे कठिन और सबसे लंबा (Lengtheist) सेक्शन माना गया, जिसने छात्रों का काफी समय लिया।

भौतिकी (Physics): फिजिक्स के सेक्शन ने उम्मीदवारों की वैचारिक समझ (Conceptual Understanding) और एप्लीकेशन आधारित गहरी समस्याओं को परखा।

रसायन विज्ञान (Chemistry): केमिस्ट्री का सेक्शन वैसे तो कुछ छात्रों को आसान लगा, लेकिन यह काफी पेचीदा (Tricky) और गणनात्मक होने के कारण समय लेने वाला साबित हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, पेपर 2 विशेष रूप से मुश्किल और अत्यधिक कैलकुलेशन नेचर का था, जिसके चलते इस साल अपेक्षित क्वालिफाइंग कट-ऑफ में पिछले वर्षों के मुकाबले बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

कितने मार्क्स पर मिलेगी कौन सी IIT और मनपसंद ब्रांच? एक्सपर्ट्स का विश्लेषण

आईआईटी प्रवेश मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, रैंक और पसंदीदा इंजीनियरिंग ब्रांच का पूरा खेल आपके कुल स्कोर पर निर्भर करता है:

320+ से 280 नंबर (प्रीमियम स्कोर): जो छात्र 70 से 85 प्रश्नों को सही-सही हल करके इस ब्रैकेट में नंबर ला रहे हैं, वे देश की शीर्ष आईआईटी और सबसे डिमांडिंग कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) जैसी प्रीमियम ब्रांच को आसानी से टारगेट कर सकते हैं। आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास में बीटेक सीएसई के लिए उम्मीदवारों को 280+ नंबर के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 200 से कम लानी होगी।

280 से 240 नंबर (अच्छा स्कोर): इस रेंज में अंक हासिल करने वाले छात्र टॉप-10 आईआईटी संस्थानों में मनपसंद और अच्छी ब्रांचेज में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं।

240 से 200 नंबर (औसत स्कोर): इस स्कोर पर पुरानी आईआईटी में कोर ब्रांचेज या फिर नई आईआईटी में ठीक-ठाक ऑप्शन मिलने की पूरी संभावना रहती है।

200 से 150 नंबर (क्वालिफाइंग स्कोर): इस नंबर का आमतौर पर यही मतलब होता है कि आप परीक्षा को महज क्वालिफाई कर पाए हैं और आईआईटी की रेस में बने हुए हैं।

JEE Advanced Marks vs Rank 2026: अंकों के आधार पर संभावित रैंक की पूरी तालिका

आईआईटी संस्थानों में एडमिशन के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स हासिल करना अनिवार्य होता है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई जेईई एडवांस्ड मार्क्स वर्सेज रैंक की अनुमानित डिटेल नीचे दी गई है:

अनुमानित ऑल इंडिया रैंक (AIR Range) आवश्यक संभावित मार्क्स (Marks Range)
1 – 1,000 244 – 292
1,000 – 5,000 208 – 243
5,000 – 10,000 187 – 207
10,000 – 20,000 164 – 186
20,000 – 30,000 148 – 163
30,000 – 40,000 136 – 147
40,000 – 50,000 128 – 135
50,000 – 60,000 120 – 127
60,000 – 70,000 113 – 119
70,000 – 80,000 107 – 112
80,000 – 90,000 101 – 106
90,000 – 1,00,000 96 – 100
1,00,000 – 1,20,000 89 – 95
1,20,000 – 1,40,000 82 – 88
1,40,000 – 1,60,000 76 – 81
1,60,000 – 1,80,000 71 – 75
1,80,000 – 2,00,000 67 – 70
2,00,000 – 2,20,000 64 – 66
2,20,000 – 2,40,000 60 – 63

कैटेगरी वाइज क्वालिफाइंग कट-ऑफ: एक्सपर्ट्स ने जारी किया बड़ा अनुमान

जेईई एडवांस्ड 2026 की रैंक लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए अलग-अलग कोचिंग संस्थानों ने अपना अनुमानित कट-ऑफ डेटा जारी किया है, जिससे परीक्षा के कड़े कॉम्पिटिशन का अंदाजा लगाया जा सकता है:

जनरल कैटेगरी (General Category): एलन (ALLEN) के एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बार सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ लगभग 20.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, फिजिक्स वाला (PW) के अनुसार यह कट-ऑफ 93 से 94 परसेंटाइल की रेंज में जा सकती है।

ईडब्ल्यूएस और ओबीसी कैटेगरी (EWS & OBC-NCL): आरक्षित श्रेणियों को नियमों के अनुसार कट-ऑफ में कुछ विशेष रियायत मिलती दिख रही है। एलन ने जनरल-ईडब्ल्यूएस और ओबीसी-एनसीएल दोनों ही श्रेणियों के लिए न्यूनतम कट-ऑफ 18.5 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है, जबकि पीडब्लू (PW) के मुताबिक इन कैटेगरीज का परसेंटाइल स्कोर 79 से 82 के इर्द-गिर्द सिमट सकता है।