
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में आए बड़े बदलाव के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में आज कोलकाता के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिस्वास पर पद पर रहते हुए सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करने और कई गंभीर घोटालों में शामिल होने के आरोप हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था।
ED के पांच समन किए थे नजरअंदाज, अब सलाखों के पीछे
शांतनु सिन्हा बिस्वास की मुश्किलें उस समय बढ़ गई थीं जब उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी के नोटिसों को हल्के में लेना शुरू किया। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए कम से कम पांच बार समन जारी किया था, लेकिन वे एक बार भी पेश नहीं हुए। 28 अप्रैल को भी उन्हें तलब किया गया था, जिससे पहले एजेंसी ने उनके गोलपार्क स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में सहयोग न करने और गिरफ्तारी के डर से भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
ममता बनर्जी के ‘खास’ अधिकारियों में होती थी गिनती
बिस्वास को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है। उनकी नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें ममता बनर्जी के साथ मंच साझा करते देखा गया था। हालांकि, उस समय टीएमसी ने सफाई दी थी कि वे सुरक्षा घेरे का हिस्सा थे। बिस्वास केवल पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता पुलिस कल्याण समिति के मुख्य समन्वयक और नोडल अधिकारी जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में भी तैनात थे।
मनी लॉन्ड्रिंग और अपराधी से साठगांठ का मामला
जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। यह पूरा मामला कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ से जुड़ा हुआ है, जिस पर हत्या के प्रयास और रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। आरोप है कि बिस्वास और व्यवसायी जॉय कामदार ने मिलकर अवैध संपत्ति अर्जित की। इससे पहले हुई छापेमारी में ईडी ने 1.47 लाख रुपये नकद, 67.64 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और एक देसी पिस्तौल भी बरामद की थी।
बेटों पर भी कसा शिकंजा, छापेमारी के बाद बढ़ी हलचल
ईडी की कार्रवाई केवल शांतनु बिस्वास तक ही सीमित नहीं रही। कोलकाता के फर्न रोड और बालीगंज स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी के बाद उनके दोनों बेटों, सयंतन और मनीष को भी पूछताछ के लिए CGO कॉम्प्लेक्स बुलाया गया था। लेकिन पिता की तरह उन्होंने भी एजेंसी के सामने पेश होने से परहेज किया। अब बिस्वास की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के कई और रसूखदार चेहरे जांच के घेरे में आ सकते हैं।
girls globe