
देश के कई हिस्सों में इस समय रिकॉर्ड-तोड़ और भीषण गर्मी पड़ रही है। इस चिलचिलाती धूप और उमस से बचने के लिए घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल बेतहाशा बढ़ गया है। लोग राहत पाने के लिए लगातार कई-कई घंटों तक एसी ऑन रख रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना ब्रेक के लंबे समय तक एसी चलाने से मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है?
हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से एसी में शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग और कंप्रेसर फटने (AC Blast) जैसी कई डरावनी खबरें सामने आई हैं। इन हादसों को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने गर्मियों में एसी का इस्तेमाल करते समय कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, ताकि आप और आपका परिवार पूरी तरह सुरक्षित रहे।
क्यों गर्मियों में अचानक ‘बम’ बन जाता है आपका AC?
जब बाहर का तापमान 45 डिग्री के पार जाने लगता है, तो कमरे को ठंडा करने के लिए एसी के कंप्रेसर को दोगुनी क्षमता से काम करना पड़ता है। लगातार कई घंटों तक बिना रुके चलने के कारण मशीन के अंदरूनी पार्ट्स अत्यधिक गर्म (Overheating) हो जाते हैं। अगर इस दौरान बिजली का वोल्टेज ऊपर-नीचे हो या वायरिंग कमजोर हो, तो पल भर में शॉर्ट सर्किट हो जाता है और एसी में भीषण आग लग जाती है। सही तरीके से रखरखाव न करना इस खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
हादसों से बचने के लिए आज ही नोट कर लें ये 7 लाइफ-सेविंग टिप्स
1. वायरिंग और बिजली के तारों की नियमित जांच
एसी से जुड़े ज्यादातर बड़े हादसे खराब, पुराने या ढीले इलेक्ट्रिकल कनेक्शन की वजह से होते हैं। इसलिए समय-समय पर अपने एसी के प्लग, सॉकेट और पावर वायर की स्थिति जरूर चेक करें। अगर तारों में थोड़ा भी कटाव, प्लास्टिक पिघलने के या जलने के निशान दिखें, तो उसे तुरंत बदल दें।
2. 6 महीने में एक बार प्रोफेशनल सर्विस है जरूरी
वैसे तो एसी के एयर फिल्टर को आप घर पर साफ कर सकते हैं, लेकिन इसकी डीप क्लीनिंग और टेक्निकल चेकिंग हमेशा किसी सर्टिफाइड मैकेनिक से ही करानी चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गर्मियों का सीजन शुरू होने पर या हर 6 महीने में एक बार एसी की फुल सर्विस जरूर करानी चाहिए। पुराना एसी होने पर जांच और भी बारीकी से होनी चाहिए।
3. वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (Fluctuation) से बचाएं
भारतीय गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने से कई इलाकों में वोल्टेज फ्लक्चुएशन की गंभीर समस्या होती है। अचानक वोल्टेज बढ़ने या घटने से एसी का पीसीबी (PCB) और कंप्रेसर फुंक सकता है। इस खतरे से बचने के लिए अपने एसी के साथ एक अच्छी क्वालिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर (Voltage Stabilizer) जरूर इंस्टॉल करवाएं।
4. एसी के लिए लें अलग पावर लाइन और MCB
एसी एक हैवी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ज्यादा बिजली खींचता है। इसे कभी भी किसी नॉर्मल एक्सटेंशन बोर्ड या उसी सॉकेट में नहीं लगाना चाहिए जिसमें फ्रिज या वाशिंग मशीन चल रही हो। एसी के लिए हमेशा एक अलग पावर लाइन होनी चाहिए और सुरक्षा के लिए सही एम्पीयर की एमसीबी (MCB – Miniature Circuit Breaker) लगी होनी चाहिए, ताकि कोई भी फॉल्ट होने पर बिजली अपने आप कट जाए।
5. आउटडोर यूनिट (Outdoor Unit) की सफाई को न भूलें
लोग अक्सर कमरे के अंदर लगी इनडोर यूनिट को तो चमका कर रखते हैं, लेकिन धूप और धूल में रखी आउटडोर यूनिट को भूल जाते हैं। आउटडोर यूनिट के कंडेंसर कॉइल्स में धूल, मिट्टी या सूखे पत्ते फंसने से वेंटिलेशन रुक जाता है। हवा का फ्लो प्रभावित होने से कंप्रेसर गर्म होकर ब्लास्ट हो सकता है। इसलिए आउटडोर यूनिट को हमेशा खुली और साफ जगह पर रखें।
6. कूलिंग में कमी या गैस लीकेज को न करें इग्नोर
अगर आपका एसी लगातार चल रहा है, लेकिन कमरे में वैसी कूलिंग नहीं मिल रही है जैसी मिलनी चाहिए, तो समझ जाएं कि कोई तकनीकी खराबी है। यह समस्या कंप्रेसर में खराबी या खतरनाक गैस लीक (Gas Leakage) के कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत मैकेनिक को बुलाएं। इसके अलावा प्लग से चिंगारी निकलने जैसी छोटी बातों को भी हल्के में न लें।
7. इमरजेंसी की स्थिति में भूलकर भी न करें ये गलती
यदि चलते हुए एसी से अचानक जलने की बदबू आए, धुआं निकलता दिखाई दे या कोई अजीब और तेज आवाज आए, तो पैनिक होने के बजाय सबसे पहले मेन स्विच से पावर सप्लाई को पूरी तरह ऑफ (OFF) कर दें।
सबसे जरूरी बात: आग या धुएं की स्थिति में एसी के ऊपर भूलकर भी पानी न डालें। बिजली के उपकरणों पर पानी डालने से तगड़ा करंट लग सकता है या धमाका बड़ा हो सकता है। बिजली बंद करने के बाद तुरंत फायर सेफ्टी और एसी तकनीशियन से संपर्क करें।
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