
हिंदू पंचांग के अनुसार आज 24 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सुबह 09:13 बजे तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा जो पूरी रात रहेगी। एकादशी तिथि दो दिन पड़ने के कारण बहुत से लोगों के मन में देवशयनी एकादशी की सही तारीख को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। पंडित ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार, आज शुक्रवार के दिन ब्रह्म और शुक्ल योग का एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, जो ज्योतिष शास्त्र में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत उत्तम माना गया है। आइए जानते हैं आज का पूरा विस्तृत पंचांग, सूर्य-चंद्रमा का समय और देवशयनी एकादशी व्रत की सही तिथि।
24 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग और ग्रह स्थिति
आज शुक्रवार के पंचांग के मुताबिक शक संवत 02 श्रावण (सौर) 1948 और विक्रमी संवत 2083 चल रहा है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सुबह 09:13 बजे तक है और इसके उपरांत एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो आज अनुराधा नक्षत्र रात्रि 04:37 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। आज के दिन चंद्रमा पूरे दिन और रात वृश्चिक राशि में संचार करेंगे, जबकि सूर्य देव दक्षिणायन स्थिति में रहेंगे। इसके अलावा आज रात 10:24 बजे से भद्रा का साया भी रहेगा और रात्रि 04:37 बजे से गंडमूल शुरू होंगे।
सूर्य-चंद्रमा का समय और आज के शुभ मुहूर्त
आज के दिन सूर्योदय सुबह 06:14 बजे और सूर्यास्त शाम 07:17 बजे होगा। वहीं, चंद्रमा शाम 06:29 बजे उदय होगा और अगले दिन यानी 25 जुलाई की सुबह 01:44 बजे अस्त होगा। आज बनने वाले शुभ मुहूर्तों की बात करें तो दिन की शुरुआत में ही सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह 06:14 बजे से शुरू होकर अगले दिन 25 जुलाई की सुबह 01:06 बजे तक रहेंगे। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:05 बजे से 05:39 बजे तक, अमृत काल दोपहर 01:27 बजे से 03:14 बजे तक, और दोपहर का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 01:26 बजे से 02:28 बजे तक रहेगा, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम है।
राहुकाल और आज के अशुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्यों या यात्रा आदि से पहले अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। आज राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा, जिस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 08:09 बजे से सुबह 10:05 बजे तक, यमगण्ड शाम 05:48 बजे से शाम 07:44 बजे तक, और दुर्मुहूर्त सुबह 09:19 बजे से सुबह 10:21 बजे तक रहेगा। रात के समय भद्रा भी रात्रि 10:24 बजे से शुरू हो जाएगी।
कब है देवशयनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख
सनातन धर्म में किसी भी व्रत या त्योहार के लिए उदया तिथि को सबसे ज्यादा मान्यता दी जाती है। इसी नियम के आधार पर इस वर्ष देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन चातुर्मास की शुरुआत भी हो जाती है और भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। जो श्रद्धालु इस व्रत को रखेंगे, वे 26 जुलाई 2026, रविवार को सुबह शुभ मुहूर्त में अपने व्रत का पारण कर सकेंगे।
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