पाकिस्तान के क्वेटा में सेना मुख्यालय के पास रेलवे ट्रैक पर भीषण बम धमाका, ट्रेन के उड़े परखच्चे

पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर दहल उठा है। बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा (Quetta) में रविवार को एक बेहद भीषण और विनाशकारी बम धमाका हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस आत्मघाती विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह जोरदार धमाका क्वेटा में फ्रंटियर कोर (FC) के हेडक्वार्टर के गेट के ठीक पास स्थित रेलवे ट्रैक पर हुआ। विस्फोट उस वक्त हुआ जब एक यात्री ट्रेन वहां से गुजर रही थी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन की एक पूरी बोगी के परखच्चे उड़ गए और देखते ही देखते चारों तरफ आग की लपटें व धुएं का गुबार फैल गया।

तबाही का मंजर: कई डिब्बे पटरी से उतरे, वाहनों में लगी आग

क्वेटा के मन फाटक इलाके से आ रही खबरों के मुताबिक, हादसा तब हुआ जब केंट स्टेशन से आ रही एक पैसेंजर ट्रेन इस ट्रैक से गुजर रही थी। धमाके की तीव्रता इतनी भयानक थी कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए।

स्थानीय प्रशासन और अस्पताल के सूत्रों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस आतंकी हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। विस्फोट की चपेट में आने से रेलवे ट्रैक के पास खड़े कई वाहनों में भी भीषण आग लग गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और आपातकालीन राहत व बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू कर दिया गया है। सभी घायलों को इलाज के लिए क्वेटा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर के दौरे के तुरंत बाद हुआ हमला

यह आत्मघाती हमला टाइमिंग के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अभी हाल ही में पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने खुद क्वेटा का दौरा किया था। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने बलूचिस्तान प्रांत में तैनात अग्रिम टुकड़ियों के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, फील्ड मार्शल मुनीर ने क्वेटा स्थित प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में छात्र अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर्स को भी संबोधित किया था, जिसके ठीक बाद आतंकियों ने इस बड़े हमले को अंजाम देकर सुरक्षा दावों को चुनौती दी है।

बलूचिस्तान में सेना का बड़ा एक्शन; ढेर हुए थे 35 उग्रवादी

राजनीतिक और सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह आत्मघाती हमला पाकिस्तानी सेना द्वारा हाल ही में चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन का हिंसक बदला हो सकता है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में खुफिया जानकारी के आधार पर एक बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था, जिसमें उग्रवादी समूहों के 35 सक्रिय सदस्यों को मार गिराया गया था और कम से कम तीन शीर्ष कमांडरों को जिंदा गिरफ्तार किया गया था।

‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने पुष्टि की थी कि सुरक्षा बलों ने क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित पहाड़ी क्षेत्र ‘मंगला जरघून गार’ में चार दिनों तक लगातार एक सघन ऑपरेशन चलाया था। इस सफल ऑपरेशन में उग्रवादियों के कई कैंपों और ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया था। माना जा रहा है कि इसी सैन्य कार्रवाई से बौखलाए उग्रवादी संगठनों ने फ्रंटियर कोर के मुख्यालय और निर्दोष यात्रियों को निशाना बनाकर यह आत्मघाती पलटवार किया है।