
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव (लू) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग के बीच सूबे के कई हिस्सों से गंभीर जल संकट की डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ ब्लॉक से सामने आया है, जहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह इलाका देश के सबसे गर्म शहर बांदा से महज 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने का साफ पानी जुटाने के लिए चिलचिलाती धूप में रोजाना करीब 10 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने पारे ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को नर्क बना दिया है।
‘न पानी है, न बिजली… सालों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर’
शंकरगढ़ ब्लॉक के स्थानीय ग्रामीणों का दर्द अब सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक गूंज रहा है। गांव के एक निवासी ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, “यहाँ पानी की बहुत बड़ी समस्या है। हमारे पास न तो पानी की कोई सुविधा है और न ही बिजली की सप्लाई रहती है। हमें अपनी प्यास बुझाने के लिए रोजाना मीलों दूर भटकना पड़ता है। कम से कम 10 किलोमीटर दूर जाकर हम जैसे-तैसे पानी ला पाते हैं। यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि सालों से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है, लेकिन हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव में करीब 150 लोग रहते हैं और हर एक शख्स इसी भयानक संकट से जूझ रहा है।”
सूख गए हैंडपंप, बर्तनों के साथ सुबह ही निकल जाते हैं मासूम बच्चे
ग्रामीणों के मुताबिक, जैसे-जैसे मई महीने में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, इलाके के पारंपरिक जलस्रोत और सरकारी हैंडपंप पूरी तरह से जवाब दे चुके हैं। भूजल स्तर नीचे जाने से नलों से पानी आना बंद हो गया है। हालात ये हैं कि सुबह की पहली किरण के साथ ही घर की महिलाएं और छोटे-छोटे मासूम बच्चे हाथों में बाल्टी, डिब्बे और बर्तन लेकर पानी की तलाश में मीलों दूर निकल जाते हैं। कई बार तो तपती धूप में घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें एक घड़ा पानी नसीब नहीं हो पाता है।
प्रशासनिक अमला आया हरकत में, ADM विनीता सिंह ने दिया आश्वासन
शंकरगढ़ में जल संकट की गूंज जब प्रयागराज जिला प्रशासन तक पहुंची, तो अधिकारी हरकत में आए। मामले को लेकर प्रयागराज की अपर जिलाधिकारी (ADM) विनीता सिंह ने कहा कि प्रशासन ने शंकरगढ़ क्षेत्र के जल संकट को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने, व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और क्षेत्र की खराब पड़ी जल संरचनाओं (हैंडपंप और नलकूपों) की युद्धस्तर पर मरम्मत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जिन गांवों में पानी का भारी संकट है, वहां तुरंत पानी के टैंकर भेजे जाएंगे।
पिछले 23 दिनों से लगातार जारी है हीटवेव का अलर्ट
एडीएम विनीता सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीटवेव को देखते हुए प्रशासन पिछले 23 दिनों से लगातार अलर्ट मोड पर है। अलग-अलग मीडिया माध्यमों और स्थानीय स्तर पर लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की एडवाइजरी जारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से आम जनता को राहत देने के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग सेंटर (शीतल कक्ष) और आपातकालीन पेयजल व्यवस्थाएं भी शुरू की गई हैं।
देश का सबसे गर्म जिला बना पड़ोसी बांदा, सड़कें हुईं सूनी
प्रयागराज के पड़ोस में स्थित बांदा जिला इस समय पूरे देश में तंदूर की तरह तप रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 27 अप्रैल को बांदा में पारा 47.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो उस दिन देश में सबसे ज्यादा था। इसके बाद भी राहत नहीं मिली और हाल ही में मंगलवार को यहां का तापमान रिकॉर्ड 48.2 डिग्री सेल्सियस और बुधवार को 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस भीषण गर्मी का खौफ ऐसा है कि बांदा और उसके आस-पास के इलाकों में सुबह 10 बजते ही अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा हो जाता है और सड़कें पूरी तरह सूनी हो जाती हैं। ऐसे में शंकरगढ़ जैसे ग्रामीण इलाकों में पानी और बिजली की किल्लत ने लोगों की परीक्षा और बढ़ा दी है।
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