UP Weather Updates: यूपी में थमेगा नहीं गर्मी का तांडव 4 जिलों में लू का रेड अलर्ट

उत्तर प्रदेश में सूर्य देव का रौद्र रूप लगातार जारी है। शुक्रवार को भी प्रचंड धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (हीटवेव) ने राज्य के 25 बड़े शहरों को अपनी चपेट में ले लिया। समूचा प्रदेश इस समय तंदूर की तरह तप रहा है, जिसमें 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बांदा और 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रयागराज पूरे राज्य में सबसे गर्म इलाके दर्ज किए गए। आसमान से बरसती इस आग को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 4 जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और 18 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू का यह जानलेवा प्रकोप और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

आखिर क्यों उबल रहा है उत्तर प्रदेश?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के पीछे दो मुख्य भौगोलिक कारण हैं। पहला, मध्य भारत में बना एक मजबूत प्रति चक्रवात (Anti-Cyclone) और दूसरा, पश्चिम दिशा से आ रही बेहद शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं। इन दोनों के कॉम्बिनेशन ने पूरे उत्तर प्रदेश को एक हीट चैंबर में तब्दील कर दिया है, जिससे फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।

इन 4 जिलों में ‘रेड अलर्ट’ की घोषणा

मौसम विभाग ने जिन चार जिलों के लिए अत्यधिक गंभीर लू (Severe Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है, वहां दोपहर के समय घर से बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। ये जिले हैं:

इसके अलावा राज्य के 18 अन्य जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों को बिना जरूरी काम दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान जहां 42.4 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है, वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस अधिक यानी 28.8 डिग्री दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ वैज्ञानिक की चेतावनी: 48 घंटे बाद और बढ़ेगी तपिश

मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हवा के ऊपरी क्षोभमंडल (Troposphere) में पूर्वी हवाओं (पुरवा) ने थोड़ा जोर पकड़ा है। पुरवा हवाओं के आने से वायुमंडल में नमी (Moisture) बढ़ी है, जिसकी वजह से पिछले 24 घंटों में ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट आई है। हालांकि, वैज्ञानिक ने साफ किया कि यह राहत महज अगले 48 घंटों के लिए है। इसके बाद एक बार फिर गर्म और सूखी पछुआ हवाएं रफ्तार पकड़ेंगी, जो सूबे की तपिश को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएंगी।

अब रातों ने भी झुलसाना किया शुरू, मेरठ में सबसे गर्म रात

पश्चिम यूपी की बात करें तो शुक्रवार को दिन के पारे में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद चिलचिलाती धूप और गर्म थपेड़ों ने लोगों को बेहाल रखा। अब तक तो सिर्फ दिन में भीषण गर्मी हो रही थी, लेकिन अब यूपी की रातें भी तपने लगी हैं। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन की सबसे गर्म रात रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों में दिन और रात दोनों के तापमान में भारी उछाल आएगा, जिससे रात का पारा 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।

क्या 24 मई को आंधी-बूंदाबांदी देगी राहत?

निजी मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट वेदर’ की रिपोर्ट के अनुसार, 24 मई के आस-पास दिल्ली और एनसीआर से सटे वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने के आसार बन रहे हैं। हालांकि, इस प्री-मानसून गतिविधि से तापमान में कुछ समय के लिए आंशिक गिरावट जरूर हो सकती है, लेकिन इस भीषण गर्मी और उमस से कोई स्थाई राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।

मेरठ में राहत की बात: क्या होता है ‘वेट बल्ब’ तापमान?

इस जानलेवा गर्मी के बीच मेरठ और आस-पास के इलाकों के लिए राहत की बात यह है कि यहां अभी ‘वेट बल्ब तापमान’ (Wet Bulb Temperature) सामान्य सीमा के भीतर है। शुक्रवार को मेरठ में यह 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सहनीय श्रेणी में आता है।

क्या है वेट बल्ब तापमान?

यह हवा के वास्तविक तापमान और उसमें मौजूद आर्द्रता (नमी) का एक संयुक्त पैमाना होता है, जिसे थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। यह हमें बताता है कि पसीना आने पर हमारा शरीर खुद को कितना ठंडा रख सकता है। जब हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, तो शरीर का पसीना सूख नहीं पाता और हमारा नेचुरल कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इंसानी शरीर के लिए 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान आखिरी सीमा है। यदि यह ग्राफ 35 डिग्री के ऊपर जाता है, तो पसीना आना पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक और मौत का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल यूपी में यह 25 से 30 डिग्री के बीच है, जो असहजता तो पैदा करता है, लेकिन अभी अत्यधिक जोखिम वाले स्तर से नीचे है।