News India Live, Digital Desk: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के ‘तीन बच्चे’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। बरेली के डोहरा रोड स्थित एक निजी संस्थान में पहुंचे शंकराचार्य ने दो टूक कहा कि जो लोग समाज को जनसंख्या बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं, उन्हें पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर हिंदुओं की संख्या बढ़ाना इतना ही जरूरी है, तो मोहन भागवत और उनके प्रचारकों को खुद विवाह करना चाहिए और बच्चे पैदा करने चाहिए।”
‘दूसरों पर बोझ क्यों लादते हो?’
शंकराचार्य ने जनसंख्या नीति पर विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक तरफ देश में ‘जनसंख्या विस्फोट’ की बात की जाती है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अधिक बच्चे पैदा करने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप खुद तो शादी करेंगे नहीं, ब्रह्मचर्य का पालन करने की कोई ठोस प्रतिज्ञा भी नहीं लेंगे और दूसरों को सलाह देंगे कि दो नहीं तीन बच्चे पैदा करो। जो बच्चा पैदा करता है और उसे पालता है, वही समझता है कि यह कितना कठिन है। दूसरों पर बोझ लादने से पहले खुद करके दिखाएं।”
संख्या बल बनाम संस्कार: ‘सौ तारे एक चंद्रमा के बराबर नहीं’
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मोहन भागवत के उस तर्क को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने गिरती प्रजनन दर (Fertility Rate) को समाज के पतन का कारण बताया था। शंकराचार्य ने कहा कि समाज संख्या से नहीं, बल्कि संस्कारों और मूल्यों से आगे बढ़ता है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “सौ तारे मिलकर भी उतना प्रकाश नहीं दे सकते जितना एक चंद्रमा देता है। भेड़-बकरियों की संख्या ज्यादा होती है, लेकिन एक शेर की दहाड़ ही सबको भगाने के लिए काफी है।” उन्होंने साफ किया कि कितने बच्चे पैदा करने हैं, यह पूरी तरह से माता-पिता का निजी निर्णय होना चाहिए, इसमें किसी भी संगठन का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
ईरान-इजरायल युद्ध और पीएम मोदी पर टिप्पणी
बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर दुनिया के विद्वानों की चुप्पी को ‘मानवता के प्रति अपराध’ बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहना चाहेंगे, लेकिन एक विद्वान का कर्तव्य है कि वह बताए कि कौन अन्याय कर रहा है और कौन सह रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी दल ‘गौ-माता’ की रक्षा के लिए कानून बनाएगा, वे उसके साथ खड़े होंगे।
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