
सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास से इस वक्त की एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है। देश के दो अलग-अलग इलाकों में हुई भीषण गोलीबारी (Mass Shooting) की घटनाओं में 6 पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 19 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पहला हमला एक बड़े प्लांटेशन (खेतों) में काम करने वाले बेकसूर मजदूरों पर हुआ, जबकि दूसरे हमले में सीधे देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए पुलिस बल को निशाना बनाया गया। इस खूनी खेल के बाद से पूरे देश में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है और मानवाधिकार संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पहला हमला: ट्रूजिलो के प्लांटेशन में 10 मजदूरों को गोलियों से भूना
नेशनल पुलिस के प्रवक्ता एडगार्डो बाराहोना द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पहला दिल दहला देने वाला हमला ट्रूजिलो म्युनिसिपैलिटी के एक बड़े प्लांटेशन में हुआ। यहां रोज की तरह काम कर रहे करीब 10 मजदूरों पर हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। सभी 10 मजदूरों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा इलाका लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे को लेकर खूनी विवादों से प्रभावित रहा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस क्षेत्र में पर्यावरण और जमीन के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले स्थानीय लोगों और गरीब मजदूरों को भू-माफियाओं और अपराधियों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रही हैं।
दूसरा हमला: ग्वाटेमाला बॉर्डर के पास पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला
अभी पुलिस ट्रूजिलो नरसंहार की गुत्थी सुलझा ही रही थी कि अपराधियों ने दूसरे बड़े हमले को अंजाम दे दिया। यह हमला कोर्टेस डिपार्टमेंट में ग्वाटेमाला बॉर्डर के पास स्थित ओमोआ म्युनिसिपैलिटी में हुआ।
यहां भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने गश्त कर रही पुलिस टीम पर घात लगाकर अचानक हमला बोल दिया। इस आमने-सामने की भीषण गोलीबारी में 6 पुलिस अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुलिस पर हुए इस दुस्साहसिक हमले से देश की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
एक्टिविस्ट्स के लिए दुनिया का ‘डेथ जोन’ बना होंडुरास: चौकाने वाले आंकड़े
होंडुरास में जमीन और पर्यावरण की रक्षा करने वाले लोगों के लिए हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। साल 2024 में मशहूर पर्यावरण एक्टिविस्ट जुआन लोपेज की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरी दुनिया का ध्यान होंडुरास में पर्यावरण रक्षकों के सामने आने वाले जानलेवा खतरों की ओर खींचा था। अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ‘ग्लोबल विटनेस’ (Global Witness) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, होंडुरास में पर्यावरण कार्यकर्ताओं की हत्याओं का ग्राफ डराने वाला है:
| वर्ष | मारे गए एनवायरनमेंटल एक्टिविस्ट्स की संख्या |
| 2024 | 5 एक्टिविस्ट |
| 2025 | 18 एक्टिविस्ट |
इन आंकड़ों से साफ है कि यह देश एक्टिविस्ट्स और पर्यावरण रक्षकों के लिए पूरी दुनिया में सबसे खतरनाक और असुरक्षित देशों की सूची में शीर्ष पर पहुंच चुका है।
क्या अपराधियों को मिलेगा कड़ा सबक?
होंडुरास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसे देश के रूप में जाना जाता है जहां अपराधी अक्सर अपराध करने के बाद राजनीतिक रसूख और ढीले कानून के कारण सजा से बच निकलते हैं (Impunty)। हालांकि, हाल ही में पुलिस ने जुआन लोपेज की हत्या की साजिश रचने के आरोप में तीन मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिसे इस देश में कानून की जवाबदेही का एक दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि 19 लोगों की जान लेने वाले इस ताजा और वीभत्स नरसंहार के बाद होंडुरास की सरकार इन खूंखार क्रिमिनल गैंग्स और भू-माफियाओं के खिलाफ क्या ठोस और दंडात्मक कदम उठाती है।
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