
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में बुल्स और बियर्स के बीच जारी रस्साकशी के बीच कल यानी 21 मई को ऊपरी स्तरों पर भारी बिकवाली (प्रॉफिट बुकिंग) का दबाव देखने को मिला। निफ्टी 50 के शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर वापस आने और वहां टिके रहने की सभी कोशिशें पूरी तरह नाकाम रहीं। इंडेक्स ने अपने ट्रेडिंग सेशन के दौरान हासिल की गई सारी शुरुआती बढ़त गंवा दी और अंत में लाल निशान में क्लोज हुआ।
बाजार के दिग्गज बुल्स क्लोजिंग बेसिस पर 23,800 के बेहद महत्वपूर्ण और मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस लेवल को होल्ड करने में असफल रहे। नतीजतन, इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गया और फिलहाल 23,300 से 23,800 की एक बेहद संकीर्ण रेंज में फंसकर ट्रेड करता नजर आ रहा है। हालांकि, पॉजिटिव बात यह है कि डेली चार्ट पर ‘हायर लो’ (Higher Low) का टेक्निकल पैटर्न अभी भी पूरी तरह बरकरार है। बाजार जानकारों का साफ कहना है कि निफ्टी को ऊपर 24,000 के स्तर की ओर नए पंख लगाने के लिए सबसे पहले 23,800–23,900 के जोन के पार एक मजबूत ब्रेकआउट देना होगा। तब तक बाजार में इसी तरह एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में ट्रेडिंग होती रहेगी, जिसमें नीचे की तरफ 23,400 पर एक तगड़ा सपोर्ट बना हुआ है। इस सपोर्ट के टूटने के बाद ही मार्केट में मंदड़िए (बियर्स) पूरी तरह एक्टिव होंगे।
इंट्राडे ट्रेडिंग में मुनाफे वाले सौदे पकड़ने के लिए पिवट पॉइंट्स, फिबोनाची लेवल्स और डेरिवेटिव्स के मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
1. निफ्टी 50 (Nifty 50 Verdict)
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पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस: ₹23,804, ₹23,866 और ₹23,967
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पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट: ₹23,603, ₹23,541 और ₹23,440
स्पेशल फॉर्मेशन व टेक्निकल चार्ट:
कल निफ्टी 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल (Bearish Candle) बनाई है, जो साफ तौर पर ऊंचे स्तरों पर सप्लाई और बिकवाली के भारी दबाव को दर्शाती है। इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर अपने सभी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (10, 20, 50, 100 और 200-डे EMA) से नीचे ही ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, इंडेक्स अप्रैल महीने की तेजी के 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे फिसल चुका है।
मोमेंटम इंडिकेटर RSI 45.55 के स्तर पर आकर साइडवेज (स्थिर) बना हुआ है, जबकि ट्रेंड इंडिकेटर MACD अभी भी ज़ीरो और सिग्नल लाइनों से नीचे मंदी के जोन में है। हालांकि, राहत की बात यह है कि डेली चार्ट पर लाल हिस्टोग्राम बार लगातार छठे ट्रेडिंग सेशन में सिकुड़ते (कम होते) नजर आए हैं। यह इस बात का संकेत है कि भले ही बाजार में कमजोरी बनी हुई है, लेकिन बियर्स का आक्रामक मोमेंटम धीरे-धीरे अब कमजोर पड़ रहा है।
ट्रेडिंग स्ट्रेटजी (Trading Strategy): मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अनिश्चित बाजार में कोई भी पोजीशनल ट्रेड लेकर जाना (ओवरनाइट होल्ड करना) एक बड़े जुए जैसा हो सकता है। इसलिए ट्रेडर्स को इस समय केवल और केवल ‘इंट्राडे स्ट्रैटेजी’ (स्टॉप लॉस के साथ स्कैल्पिंग) पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
2. बैंक निफ्टी (Nifty Bank Outlook)
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पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: ₹53,932, ₹54,157 और ₹54,521
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पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: ₹53,204, ₹52,979 और ₹52,615
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फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: ₹54,422, ₹55,809
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फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: ₹52,798, ₹51,532
स्पेशल फॉर्मेशन व टेक्निकल चार्ट:
बैंक निफ्टी का प्राइस एक्शन भी लगभग निफ्टी 50 के पदचिन्हों पर ही चलता दिखा। इसने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल का निर्माण किया है, जिसके ऊपर और नीचे बेहद छोटी-छोटी शैडो (Wicks) मौजूद हैं। यह फॉर्मेशन ऊपरी लेवल्स पर लगातार हो रही प्रॉफिट बुकिंग की तस्दीक करता है।
बैंकिंग इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर अप्रैल की रैली के 50% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को पार करने में असमर्थ रहा और अपने सभी शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। RSI 40.53 पर एकदम फ्लैट है, और MACD ने अपना ‘सेल क्रॉसओवर’ एक्टिव रखा है। हालांकि, निफ्टी की तरह ही यहाँ भी लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सत्र से सिकुड़ रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि मंदी का माहौल तो है, लेकिन बिकवाली का तीव्र दबाव अब धीरे-धीरे थमता दिख रहा है।
3. बाजार के मुख्य संकेतक (Market Health Indicators)
इंडिया VIX (Volatility Index)
मार्केट में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX कल लगातार तीसरे सेशन में 3.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17.82 के स्तर पर आ गया। यह शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जो बुल्स के लिए एक अच्छी खबर है। हालांकि, बाजार में स्थिरता और तेजी का परमानेंट ट्रेंड लौटने के लिए यह बेहद जरूरी है कि VIX कूल-ऑफ होकर 17 के मनोवैज्ञानिक निशान से काफी नीचे चला जाए।
पुट कॉल रेशियो (PCR)
बाजार का मूड और सेंटीमेंट दिखाने वाला निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) 21 मई को घटकर 1.00 के स्तर पर आ गया है, जो कि इसके पिछले सत्र में 1.24 पर था। डेरिवेटिव्स के नियमों के अनुसार, पीसीआर का 1 के स्तर पर आना न्यूट्रल-टू-पॉजिटिव सेंटीमेंट दिखाता है। आमतौर पर 0.7 से ऊपर या 1 के पार पीसीआर का जाना तेजी (Bullish Mood) का संकेत माना जाता है, जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरना मंदी (Bearish Mood) की पुष्टि करता है।
4. F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक्स
फ्यूचर्स एंड ऑप्शन्स (F&O) सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों (Ban List) में केवल उन्हीं कंपनियों को शामिल किया जाता है, जिनके डेरिवेटिव अनुबंधों का कुल ओपन इंटरेस्ट मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) के 95 फीसदी के पार चला जाता है।
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F&O प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: आज के सत्र के लिए कोई भी नया स्टॉक शामिल नहीं हुआ है।
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F&O प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology) और सेल (SAIL – स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड)। इन स्टॉक्स में आज कोई नई पोजीशन बनाने की अनुमति नहीं होगी, केवल पुरानी पोजीशन को स्क्वायर ऑफ किया जा सकेगा।
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F&O प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: आज की लिस्ट से किसी भी स्टॉक को बाहर नहीं किया गया है।
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