Tuesday , September 22 2026

US-Iran War: महाशक्ति अमेरिका को लगा सदमा, ईरान जंग में स्वाहा हुए 42 फाइटर जेट्स और 2 लाख करोड़ रुपये

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद शुरू हुआ भीषण युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। इस जंग को शुरू हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इसके खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस युद्ध की आग में महाशक्ति अमेरिका अपनी सैन्य प्रतिष्ठा तक झोंक बैठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिस ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के जरिए ईरान में तख्तापलट और सत्ता परिवर्तन का ख्वाब देख रहे थे, वह अब अमेरिकी सेना के लिए एक बुरा सपना बनता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी संसद की एक बेहद गोपनीय और आधिकारिक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, जिसके मुताबिक इस जंग में अमेरिका ने अब तक अपने 42 एडवांस जेट्स और 2.4 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए हैं।

वियतनाम और इराक युद्ध के बाद अमेरिका को लगा सबसे बड़ा सैन्य झटका

अमेरिकी संसद की आधिकारिक रिसर्च विंग ‘कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस’ (CRS) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस युद्ध में अमेरिका के कम से कम 42 सबसे महंगे लड़ाकू विमान, रीपर ड्रोन और अन्य हाई-टेक विमान या तो पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके हैं या उन्हें इतना नुकसान पहुंचा है कि वे दोबारा उड़ान भरने लायक नहीं बचे हैं। अमेरिकी सैन्य इतिहास में वियतनाम और इराक युद्ध के बाद यह पहला मौका है, जब किसी दुश्मन देश ने अमेरिकी एयरफोर्स के सबसे आधुनिक और अजेय माने जाने वाले हथियारों को इस कदर नेस्तनाबूद किया है।

ईरान की एयर डिफेंस के सामने अमेरिका के कौन-कौन से जेट्स हुए स्वाहा?

CRS ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) और सेंट्रल कमान की खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर अमेरिकी हथियारों की तबाही का जो आंकड़ा तैयार किया है, उसने अमेरिकी रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। इस लिस्ट में शामिल अमेरिकी हथियार कुछ इस प्रकार हैं:

  • 24 रीपर ड्रोन (Reaper Drones): अमेरिका का सबसे आधुनिक और खतरनाक माना जाने वाला यह ‘किलर ड्रोन’ इस युद्ध में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम का सबसे आसान शिकार बना। ईरान ने हवा में ही अमेरिका के 24 रीपर ड्रोनों को मार गिराया।

  • F-35 स्टील्थ फाइटर जेट (F-35 Stealth Fighter): दुनिया का सबसे एडवांस पांचवीं पीढ़ी का (5th Generation) अजेय माना जाने वाला स्टील्थ फाइटर जेट भी इस जंग में तबाह हो गया, जिसने अमेरिकी तकनीक के गुरूर को तोड़ दिया है।

  • 4 F-15E स्ट्राइक ईगल: अमेरिका के 4 बेहद घातक और अचूक माने जाने वाले F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को भी इस युद्ध में भारी नुकसान पहुंचा है।

  • 7 रिफ्यूलर विमान (Refueler Aircraft): हवा में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने वाले 7 बड़े अमेरिकी रिफ्यूलर विमानों को ईरान ने रणनीतिक रूप से निशाना बनाया, जिससे अमेरिकी ऑपरेशन ठप पड़ गए।

  • अन्य हाई-टेक विमान: इस लिस्ट में 1 ग्राउंड-अटैक विमान, 1 E-3 सेंट्री अवाक्स (AWACS), 2 विशेष ऑपरेशंस विमान, 1 रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और 1 सबसे महंगा हाई-टेक जासूसी ड्रोन (MQ-4C Triton) भी शामिल है।

अमेरिकी खजाने को लगा 2,41,000 करोड़ रुपये का तगड़ा फटका

हथियारों और लड़ाकू विमानों की इस अभूतपूर्व बर्बादी का सीधा और बेहद घातक असर अमेरिकी खजाने पर पड़ा है, जिससे अमेरिकी संसद में भी तीखी बहस शुरू हो गई है। हाल ही में 12 मई को अमेरिकी संसद की ‘हाउस एप्रोप्रिएशंस सबकमेटी’ की सुनवाई के दौरान पेंटागन के एक्टिंग कंट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट III ने सांसदों के सामने इस वित्तीय तबाही को स्वीकार किया।

उन्होंने आधिकारिक बयान देते हुए बताया, “ईरान में चल रहे हमारे सैन्य अभियानों का अनुमानित खर्च बेहद नाटकीय ढंग से बढ़कर 29 अरब डॉलर यानी करीब 2,41,000 करोड़ रुपये (2.4 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है।” बजट में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी की मुख्य वजह युद्ध में तबाह हुए अरबों डॉलर के सैन्य उपकरणों, फाइटर जेट्स और ड्रोनों को तुरंत बदलने या उनकी मरम्मत में लगने वाला भारी-भरकम खर्च है। तेहरान अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है, जिसके चलते अमेरिकी फौज इस जंग के दलदल में बुरी तरह फंसती नजर आ रही है।