सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन, प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे DM

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में बीती रात तेज बारिश के चलते लैंडस्लाइड हो गया था। बुधवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे DM

लैंडस्लाइड के बाद बुधवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने खुद ग्राउंड जीरो पहुंचकर सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने देर रात हुए लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और राहत एवं सुरक्षा कार्यों की स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली।

सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर हुआ था भूस्खलन

बता दें बीती रात जिले में हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन होने से यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया था। प्रशासन की टीमों ने कठिन परिस्थितियों के बीच 30 मिनट में मार्ग को पैदल यात्रियों के लिए खोल दिया और यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

श्रद्धालुओं से लिया फीडबैक

डीएम ने पैदल मार्ग पर चलकर यात्रा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न पड़ावों पर रुककर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से सीधे संवाद स्थापित किया और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। यात्रियों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, विश्राम स्थलों एवं मेडिकल सहायता जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

शटल टैक्सी व्यवस्था का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान डीएम ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक संचालित शटल टैक्सी व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों से शटल सेवा की उपलब्धता, संचालन व्यवस्था और सुविधा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों और परिवहन से जुड़े कार्मिकों को निर्देश दिए कि शटल सेवा का संचालन व्यवस्थित और सुचारू रूप से किया जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े।

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यात्रा मार्ग पर हर व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर प्रत्येक व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और संवेदनशील क्षेत्रों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी जिम्मेदारी है चारधाम यात्रा: DM

जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग पूरी समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।