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मार्को लू बनकर चीन पहुंचे विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ग्रेट हॉल की भव्यता देख हुए दंग

बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा न केवल कूटनीतिक कारणों से, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दिलचस्प पलों के लिए भी चर्चा में है। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इस दौरे पर एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर मार्को रुबियो का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ की भव्यता और नक्काशी देखकर पूरी तरह हैरान नजर आ रहे हैं।

जब डिप्लोमैट बन गए ‘टूरिस्ट’

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रेट हॉल की विशाल सीलिंग (छत) और वहां के कलात्मक झूमरों को देखकर रुबियो अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे हैं। वे किसी मंझे हुए राजनेता के बजाय एक आम पर्यटक की तरह कौतूहल भरी नजरों से छत की खूबसूरती को निहारते दिखे। यह पल कैमरे में कैद हो गया और अब इंटरनेट पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं:

  • एक यूजर ने लिखा- “जब आर्किटेक्चर इतना शानदार हो, तो बड़े-बड़े नेता भी टूरिस्ट बन जाते हैं।”

  • एक अन्य ने मजे लेते हुए कहा- “रुबियो साहब! नजारे का मजा लीजिए लेकिन व्हाइट हाउस के रेनोवेशन के लिए यहां से कोई आइडिया मत लेना, वहां का बजट पहले से ही बहुत ज्यादा है।”

  • वहीं कुछ लोगों ने इसे चीन की ‘सॉफ्ट पावर’ का कमाल बताया।

नाम बदलकर चीन क्यों जाना पड़ा?

इस यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू मार्को रुबियो का नाम है। दरअसल, चीन ने काफी समय पहले मार्को रुबियो पर कड़ा प्रतिबंध (Ban) लगाया था, जो तकनीकी रूप से आज भी प्रभावी है। इस कूटनीतिक अड़चन को दूर करने के लिए एक अनोखा रास्ता निकाला गया।

  • मार्को रुबियो बने ‘मार्को लू’: आधिकारिक दस्तावेजों और घोषणाओं के लिए रुबियो के सरनेम को बदलकर चीनी शब्द ‘लू’ कर दिया गया।

  • अमेरिकी मीडिया में यह खबर काफी सुर्खियां बटोर रही है। एंकर्स और एक्सपर्ट्स इस बात पर मुस्कुराहट नहीं रोक पा रहे हैं कि दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक का विदेश मंत्री अगले 24 घंटों के लिए ‘मार्को लू’ के नाम से जाना जाएगा।

ट्रंप की यात्रा और एलन मस्क का साथ

राष्ट्रपति ट्रंप की इस तीन दिवसीय यात्रा का उद्देश्य व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को सुधारना है। उनके साथ एलन मस्क की मौजूदगी यह संकेत देती है कि भविष्य में अमेरिका और चीन के बीच टेक्नोलॉजी और बिजनेस के क्षेत्र में कोई बड़ी डील हो सकती है। फिलहाल, ‘मार्को लू’ का आश्चर्यचकित चेहरा और बीजिंग की भव्यता सुर्खियां बटोर रही है।