महंगाई का महाविस्फोट सोना-चांदी से लेकर दूध और CNG तक सब महंगा

पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारतीय अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। ‘स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज’ में जारी खींचतान का असर अब सीधे आपकी जेब पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के कुछ ही घंटों बाद देश में सोने-चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया, तो वहीं अब दूध और CNG की बढ़ी कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। हालांकि पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन आने वाले दिनों में बड़ी बढ़ोत्तरी के संकेत मिलने लगे हैं।

सोने-चांदी पर 15% इम्पोर्ट ड्यूटी: गहने खरीदना हुआ ‘आग’

सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए सोना और चांदी पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) को बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर (AIDC) शामिल है।

इस फैसले का असर देखिए कि पहले 10 ग्राम सोने पर जहां करीब ₹13,500 का टैक्स लगता था, अब वह दोगुना होकर ₹27,000 हो जाएगा। यानी सिर्फ टैक्स की वजह से सोने की कीमतों में ₹13,500 प्रति 10 ग्राम का भारी उछाल आएगा। इस खबर के बाद मुथूट और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में 11% तक की तेजी देखी गई है।

सुबह की चाय और सफर दोनों हुए महंगे

महंगाई का प्रहार केवल निवेश तक सीमित नहीं है। मदर डेयरी और अमूल जैसी दिग्गज कंपनियों ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनियों का तर्क है कि पशुओं के चारे और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ गई है। वहीं, मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलो का इजाफा कर दिया है। अब मुंबई में CNG ₹84 प्रति किलो मिलेगी, जिससे ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ना लगभग तय है।

चीनी के निर्यात पर ‘नो एंट्री’, घरेलू किल्लत रोकने की तैयारी

देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने इसके निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने चीनी को ‘प्रतिबंधित’ (Prohibited) श्रेणी में डाल दिया है, जो 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। अनुमान है कि इस साल चीनी का उत्पादन 280 लाख टन से कम रह सकता है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं। इस फैसले के बाद बलरामपुर चीनी और धामपुर शुगर जैसी कंपनियों के शेयरों में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई।

क्या बदल गया? एक नजर में देखें:

वस्तु क्या हुआ बदलाव? सीधा असर
सोना ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई ज्वेलरी खरीदना बेहद महंगा हुआ
चांदी ड्यूटी बढ़कर 15% हुई कीमतों में 7% तक का उछाल
दूध ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि हर घर का बजट बिगड़ा
CNG मुंबई में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी सफर और माल ढुलाई महंगी होगी
चीनी निर्यात पर पूरी तरह रोक घरेलू सप्लाई बढ़ाने की कोशिश
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड कमजोरी आयातित सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे होंगे

एक्सपर्ट की राय: अभी और सताएगी महंगाई

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें आने वाले दिनों में ‘कोढ़ में खाज’ का काम करेंगी। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल सरकार गैर-जरूरी आयात कम कर विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका सीधा खामियाजा आम उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है।