पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और सादगी अपनाने के आह्वान के बाद बिहार की सियासत में ‘VIP कल्चर’ को तिलांजलि देने की होड़ मच गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब उनके स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं को गाड़ियों का बड़ा काफिला लाने की जरूरत नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र, सादगी का दिया संदेश
नित्यानंद राय ने बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी मंशा साफ कर दी है। इस पत्र की एक प्रति प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया को भी भेजी गई है। पत्र में केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए जो आह्वान किया है, उसका अक्षरशः पालन होना चाहिए।
उन्होंने संगठन से निवेदन किया है कि जब भी वे किसी जिले में पार्टी या सरकारी कार्यक्रम के लिए जाएं, तो कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत के लिए वाहनों का अतिरिक्त उपयोग न किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि उनके किसी भी कार्यक्रम में अब गाड़ियों की नुमाइश नहीं होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कसी कमर, कारकेड में की कटौती
प्रधानमंत्री की अपील का असर केवल केंद्रीय मंत्रियों तक सीमित नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बुधवार को अपने काफिले (कारकेड) में वाहनों की संख्या को न्यूनतम करने का कड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यशैली में भी बड़े बदलाव के निर्देश दिए हैं।
अब अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए करें ताकि आवाजाही में ईंधन की बर्बादी न हो। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने सरकारी कैंटीन में सेहत और बचत का ध्यान रखते हुए पाम ऑयल का इस्तेमाल कम करने के भी निर्देश दिए हैं।
मंत्रियों के काफिले से गायब हुईं गाड़ियां, अब केवल एस्कॉर्ट और एक कार
बिहार सरकार के मंत्रियों ने भी अपने तामझाम में भारी कटौती शुरू कर दी है। अब मंत्रियों के काफिले में पुलिस एस्कॉर्ट के अलावा केवल एक मुख्य वाहन ही नजर आ रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जैसे वरिष्ठ नेता पहले से ही सादगी का पालन कर रहे हैं, लेकिन अब कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत अन्य मंत्रियों ने भी अपने वाहनों की संख्या घटा दी है।
ट्रेन से सफर और सादगी पर जोर
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने तो यहां तक कह दिया है कि वे सरकारी दौरों के लिए अब ट्रेन के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। वहीं, मदन सहनी, नंदकिशोर राम और बुलो मंडल जैसे मंत्री भी अब केवल एक गाड़ी से ही सफर कर रहे हैं। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी अब एस्कॉर्ट के साथ मात्र दो गाड़ियों के साथ कार्यालय पहुंच रहे हैं। बीजेपी और एनडीए के नेताओं की यह पहल जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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