डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, तेहरान की परमाणु धूल वाली धमकी पर दिया करारा जवाब

वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में मचे घमासान और ईरान के साथ जारी कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और आत्मविश्वास से भरा दावा किया है। ट्रंप ने भरोसा जताया है कि परमाणु हथियारों को लेकर ईरान की तमाम महत्वाकांक्षाएं जल्द ही दम तोड़ देंगी। एक रेडियो इंटरव्यू ‘सिड एंड फ्रेंड्स इन द मॉर्निंग’ में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर देगा और वह परमाणु हथियार बनाने की राह छोड़ देगा।

ट्रंप बोले- ‘वे 100 प्रतिशत रुक जाएंगे’

राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु गतिविधियां जारी रखने से रोकना मुमकिन है। उन्होंने बड़े दावे के साथ कहा, “वे निश्चित रूप से रुक जाएंगे, मैं कह रहा हूं कि वे 100 प्रतिशत रुक जाएंगे।” ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उनकी ईरानी अधिकारियों से सीधे बातचीत हुई है। उन्होंने बातचीत का एक अंश साझा करते हुए कहा कि मैंने उनसे स्पष्ट कह दिया है कि अगर वे नहीं रुके तो उन्हें ‘धूल’ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने इसे ‘परमाणु धूल’ (Nuclear Dust) का नाम देते हुए तेहरान को सख्त चेतावनी दी है।

जल्दबाजी में नहीं है अमेरिका, नाकाबंदी जारी

ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को लेकर ट्रंप ने साफ कर दिया कि वाशिंगटन किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने कहा, “हम किसी भी चीज में जल्दबाजी नहीं करेंगे, क्योंकि हमने ईरान की पूरी तरह नाकाबंदी कर रखी है।” यह बयान ट्रंप के उस रुख के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के नवीनतम शांति प्रस्ताव को ‘कचरा’ बताते हुए खारिज कर दिया था। ट्रंप ने वर्तमान युद्धविराम की स्थिति को ‘लाइफ सपोर्ट’ पर बताया है, जो किसी भी वक्त टूट सकता है।

ईरान की पलटवार की धमकी: 90% यूरेनियम संवर्धन का खतरा

दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका को आंखें दिखाना बंद नहीं किया है। ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर फिर से हमला हुआ, तो वे यूरेनियम को 90 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित करेंगे। बता दें कि 90% संवर्धन को ‘हथियार-ग्रेड’ माना जाता है, जिससे परमाणु बम बनाना बेहद आसान हो जाता है। रेजाई ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि संसद इस विकल्प की समीक्षा करने के लिए तैयार है।

जून 2025 के हमलों से ईरान को लगा था बड़ा झटका

गौरतलब है कि जून 2025 में हुए 12 दिनों के भीषण संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के पास अभी भी लगभग 400 किलोग्राम 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम का भंडार सुरक्षित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक इस भंडार को नष्ट नहीं किया जाता या ईरान से बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक उसका परमाणु खतरा टला नहीं है।

परमाणु मुद्दा: अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ी दीवार

फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष को खत्म करने के लिए हो रही वार्ता में परमाणु कार्यक्रम ही सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। तेहरान चाहता है कि परमाणु मुद्दे पर भविष्य में चर्चा हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की जिद है कि ईरान अपना सारा अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (HEU) भंडार अमेरिका को सौंप दे और घरेलू स्तर पर संवर्धन को हमेशा के लिए ठप कर दे।