सोना हुआ सस्ता आज 913 गिरा भाव, चांदी की कीमतों में उछाल

बिजनेस डेस्क: देश में शादियों का सीजन अपने चरम पर है और ऐसे समय में आभूषण खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर आई है। सोमवार, 11 मई 2026 को सर्राफा बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹913 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया है। हालांकि, सोने के विपरीत चांदी की कीमतों में मामूली तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल और घरेलू मांग के बीच कीमतों में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

सोने का ताज़ा भाव: ₹1.50 लाख के करीब पहुंचा 24 कैरेट गोल्ड

आज सोमवार को सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का रेट गिरकर ₹1,50,227 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार शाम) को सोने का भाव ₹1,51,140 पर बंद हुआ था। अन्य शुद्धता वाले सोने की बात करें तो 23 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,49,677, 22 कैरेट का रेट ₹1,37,654 और 18 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,12,708 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में करीब ₹4,000 की तेजी आई थी, जिसके बाद इस गिरावट को निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके के रूप में देखा जा रहा है।

चांदी की चमक बढ़ी: ₹100 की मामूली तेजी

सोने की कीमतों में जहां गिरावट आई है, वहीं चांदी के खरीदारों को आज थोड़ा ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 1 किलोग्राम चांदी का रेट आज ₹100 बढ़कर ₹2,55,300 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को चांदी का भाव ₹2,55,200 प्रति किलोग्राम था। औद्योगिक मांग में निरंतरता और वैश्विक संकेतों के कारण चांदी की कीमतों में स्थिरता के साथ हल्की बढ़त बनी हुई है।

पीएम मोदी की सलाह: 1 साल तक सोना खरीदने से क्यों बचें?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली के दौरान देशवासियों से अगले 1 साल तक सोना खरीदने से बचने की एक अनोखी अपील की है। इस सलाह के पीछे मुख्य कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) माना जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है, जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध के माहौल के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए पीएम ने यह आह्वान किया है। हालांकि, भारत के पास वर्तमान में 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

निवेशक क्या करें? बाजार के जानकारों की राय

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी सोने को लंबी अवधि में और महंगा बना सकती है। जो लोग शादियों के लिए खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए ₹900 से ज्यादा की यह गिरावट एक अच्छा अवसर है। हालांकि, निवेश के नजरिए से डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (ETF) को भी एक विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।