
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के हाथों मिली शर्मनाक हार और 150 मैच हारने का ‘शर्मनाक’ रिकॉर्ड बनाने के बाद ऐसा लग रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए आईपीएल 2026 के दरवाजे बंद हो चुके हैं। लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। भले ही ऋषभ पंत की सेना अंक तालिका में नौवें स्थान पर खिसक गई है, लेकिन तकनीकी रूप से दिल्ली अभी भी प्लेऑफ की रेस से बाहर नहीं हुई है। हालांकि, अब उनकी किस्मत उनके खुद के प्रदर्शन से ज्यादा दूसरी टीमों के नतीजों पर टिकी है।
दिल्ली के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति: जीतने होंगे बाकी सभी मैच
दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं और उनके पास केवल 8 अंक हैं। प्लेऑफ की सुरक्षित दहलीज (16 अंक) तक पहुंचना अब दिल्ली के लिए असंभव है, क्योंकि उनके पास केवल 3 मैच बचे हैं। अगर दिल्ली अपने बाकी तीनों मैच जीत लेती है, तो वह अधिकतम 14 अंकों तक पहुंच सकती है। 14 अंकों के साथ क्वालीफाई करने के लिए दिल्ली को ‘चमत्कार’ की जरूरत होगी।
प्लेऑफ का ‘मैजिकल’ समीकरण: इन 3 शर्तों पर टिकी है उम्मीद
अगर दिल्ली कैपिटल्स को टॉप-4 में जगह बनानी है, तो उन्हें दुआ करनी होगी कि बाकी मैच इसी क्रम में हों:
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खुद की बड़ी जीत: दिल्ली को अपने अगले तीनों मैच (सनराइजर्स हैदराबाद, गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ) न केवल जीतने होंगे, बल्कि अपने नेट रन रेट (NRR) को भी काफी सुधारना होगा।
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KKR और SRH की हार: दिल्ली को उम्मीद करनी होगी कि कोलकाता और हैदराबाद की टीमें अपने बाकी बचे मैचों में बुरी तरह हारें और 14 अंकों से ऊपर न जा पाएं।
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पंजाब और लखनऊ का प्रदर्शन: पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीमें भी अपने 14 अंकों के आंकड़े पर ही सिमट जाएं, ताकि मामला नेट रन रेट पर फंसे।
नेट रन रेट (NRR) बन सकता है ‘विलेन’ या ‘सुपरहीरो’
केकेआर के खिलाफ मिली 8 विकेट की हार ने दिल्ली के नेट रन रेट को भारी नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान में दिल्ली का NRR -0.650 के करीब है, जो प्लेऑफ की रेस में शामिल अन्य टीमों की तुलना में बहुत खराब है। ऐसे में अगर तीन या चार टीमें 14 अंकों पर अटकती हैं, तो दिल्ली तभी आगे बढ़ पाएगी जब वह अपने आगामी मैचों में विपक्षी टीमों को बड़े अंतर से हराए।
कप्तान ऋषभ पंत का भरोसा: ‘अभी हार नहीं मानी’
मैच के बाद ऋषभ पंत ने कहा, “यह एक कठिन हार थी, लेकिन अंक तालिका अभी भी खुली हुई है। हम अपनी गलतियों से सीखेंगे और अगले तीन मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के लिए राह मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। 2010 और 2019 के आईपीएल सीजन में भी टीमें 14 अंकों के साथ प्लेऑफ में पहुंच चुकी हैं।
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