
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक फेरबदल का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले फिल्म निर्देशक और विधायक राज चक्रवर्ती ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। चुनाव परिणामों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद टीएमसी के कई दिग्गज नेता साथ छोड़ रहे हैं, और इस कड़ी में राज चक्रवर्ती का जाना पार्टी के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक और राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
क्यों टूटी ममता और राज की ‘जोड़ी’?
राज चक्रवर्ती केवल एक विधायक ही नहीं थे, बल्कि वे ममता बनर्जी के ‘सांस्कृतिक विंग’ के एक प्रमुख स्तंभ थे। बराकपुर से विधायक राज ने पार्टी के प्रचार प्रसार में भी अहम भूमिका निभाई थी। सूत्रों की मानें तो चुनाव नतीजों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और हार की समीक्षा के बीच राज चक्रवर्ती ने अपना इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर इसे अपना व्यक्तिगत निर्णय बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे बंगाल की बदली हुई सत्ता के साथ अपनी नई पारी शुरू कर सकते हैं।
इस्तीफे के पीछे क्या है असली वजह?
राज चक्रवर्ती ने अपने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों में संकेत दिया कि वे अब अपने फिल्मी करियर और अन्य व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके मन में दीदी के लिए हमेशा सम्मान रहेगा। लेकिन बंगाल की राजनीति को समझने वालों का मानना है कि टीएमसी की करारी हार के बाद अब कई सितारे सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।
भविष्य की योजनाओं पर क्या बोले राज?
पार्टी छोड़ने के बाद राज चक्रवर्ती के अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने फिलहाल इन खबरों को महज अफवाह बताया। राज ने कहा, “अभी मैं राजनीति से थोड़ा ब्रेक लेना चाहता हूं और अपने काम पर ध्यान देना चाहता हूं।” हालांकि, पश्चिम बंगाल में ‘इस्तीफा और फिर नई पार्टी’ का जो चलन रहा है, उसे देखते हुए उनके भाजपा में जाने की संभावनाओं को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
टीएमसी में मची खलबली
राज चक्रवर्ती के इस्तीफे ने टीएमसी नेतृत्व को सोच में डाल दिया है। पार्टी पहले से ही हार के कारणों का मंथन कर रही है और ऐसे में एक के बाद एक करीबियों का साथ छोड़ना ममता बनर्जी के लिए कड़ी चुनौती है। बता दें कि राज चक्रवर्ती से पहले भी कई फिल्म जगत की हस्तियां टीएमसी से किनारा कर चुकी हैं। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के बीच का यह रिश्ता क्या मोड़ लेता है।
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