
IG Garhwal Rajiv Swarup Controversy: विवादों में चल रहे आई जी गढ़वाल एक और नए विवाद में फंस गए हैं। इस बार मामला वर्दी पहनकर अधिकारी के पैर छूने का है, जोकि आचरण नियमावली 1968 का उल्लंघन करता है।
विवादों में फंसे IG गढ़वाल राजीव स्वरूप
बता दें कि शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर के कार्यालय में हुई एक बैठक में जहां गढ़वाल कमिश्नर लैंडफ्रॉड समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान बैठक के बीच में जब आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप वहां पहुंचे तो वह वर्दी में होने के बावजूद गढ़वाल कमिश्नर के सामने झुकते नजर आए।
वर्दी में छुए अधिकारी के पांव
हालांकि किसी के सम्मान में झुकना कोई बुरी बात नहीं है बल्कि यह आपके संस्कार को भी दर्शाता है, लेकिन वर्दी को धारण किए एक जिम्मेदार पद पर बैठे पुलिस अधिकारी के लिए यह व्यवहार पूरी तरह से अनुचित है। सोशल मीडिया पर आईजी गढ़वाल का ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
क्या कहता है अखिल भारतीय आचरण नियमावली 1968 का नियम?
नियम कहता है कि सेवा में रहने वाले प्रत्येक सदस्य को हर समय पूर्ण अखंडता और कर्तव्य के प्रति निष्ठा बनाए रखना जरूरी है और उसकी तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए जो सेवा करते हुए उसे सदस्य के लिए अनुचित हो खासकर वर्दी में पैर छूना फोर्स के अधिकारी के लिए अशोभनीय माना जाता है।
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अनुशासन के लिए होती है वर्दी
दरअसल वर्दी में अशोक लाट होती है जो विशेष रूप से पुलिस सेवा में रहने वाले अधिकारियों को ही मिलती है जिसका मतलब होता है कि आप ड्यूटी पर हैं और राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसीलिए वर्दी पहने हुए व्यक्ति अगर किसी के सामने झुकता है तो यह अनुशासन के विरुद्ध माना जाता है जिसका पुलिसिंग में भी स्पष्ट आदेश है और अगर कोई भी अधिकारी ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
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