
हरिद्वार कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक एक ओर विपक्ष के हंगामे के चलते सुर्खियों में रही, तो दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 की जिला योजना को मंजूरी भी दे दी गई।
जिला योजना बैठक में हंगामा
बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और बसपा विधायकों ने विरोध जताते हुए बुकलेट फेंकी और नारेबाजी की, जबकि अंदर बैठक की कार्यवाही जारी रखी गई। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार के लिए इस बार करीब 67 करोड़ 35 लाख की जिला योजना स्वीकृत की गई है।
पहली बार प्राथमिक शिक्षा और नई योजनाओं को भी किया शामिल
मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बजट में स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य और अन्य रेखीय विभागों को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही पहली बार प्राथमिक शिक्षा और नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है ताकि विकास को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जिला योजना समिति की बैठक में सभी सदस्यों की सहभागिता रही और विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के आधार पर ही योजना को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि करीब 67 करोड़ की योजना में सभी वर्गों और क्षेत्रों का संतुलित ध्यान रखा गया है और समिति की सहमति के बाद ही इसे प्रस्तुत किया गया है।
धरने पर बैठे कांग्रेस और बसपा विधायक
एक तरफ बैठक के भीतर योजना को पारित किया गया, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और बसपा विधायक कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठकर प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे। पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि विकास योजनाओं को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव अभी और तेज हो सकता है।

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