Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है। बाबा केदार और बदरी विशाल के दर्शनों के लिए भक्तों का ऐसा उत्साह देखा जा रहा है कि यात्रा के शुरुआती 10 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा 4 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और सुविधाओं को चाक-चौबंद करने में जुटे हैं।
केदारनाथ धाम बना भक्तों की पहली पसंद: 2 लाख से ज्यादा ने किए दर्शन
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (देहरादून) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 28 अप्रैल की शाम तक चारों धामों में कुल 4,08,401 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ केदारनाथ धाम में देखी जा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो:
केदारनाथ धाम: यहां सबसे अधिक 2,07,452 भक्तों ने बाबा के दर्शन किए।
बदरीनाथ धाम: भगवान विष्णु के दर्शन के लिए अब तक 84,942 श्रद्धालु पहुंचे।
गंगोत्री धाम: यहाँ 57,863 यात्रियों ने गंगा पूजन किया।
यमुनोत्री धाम: अब तक 57,794 श्रद्धालु यमुना मैया के चरणों में पहुंचे।
इसके अलावा, साहसिक यात्रा के शौकीन 440 यात्री अब तक गौमुख तक की दूरी तय कर चुके हैं।
64 हजार वाहनों ने भरा पहाड़ों का दम: पार्किंग और ट्रैफिक बड़ी चुनौती
यात्रा के सुचारु संचालन के लिए परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव है। वर्तमान सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारों धामों तक पहुंचे हैं। भारी ट्रैफिक के बावजूद प्रशासन ने पार्किंग और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। प्रमुख पड़ावों पर पेयजल, आधुनिक शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है ताकि ऊँचाई पर आने वाले यात्रियों को सांस लेने या अन्य शारीरिक दिक्कत न हो।
अफवाह फैलाने और गंदगी करने वालों की अब खैर नहीं
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा की मर्यादा बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, यात्रा मार्गों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ भारी चालान की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, सोशल मीडिया पर यात्रा के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी (Fake News) फैलाने वालों पर पुलिस की विशेष निगरानी है। सरकार ने अपील की है कि श्रद्धालु आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष फोकस
धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत सफाई व्यवस्था को और तेज कर दिया गया है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह मोबाइल हेल्थ यूनिट्स तैनात की गई हैं, जो श्रद्धालुओं की नियमित जांच कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ हर यात्री सुरक्षित अपने घर वापस लौटे।
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