नई दिल्ली/लखनऊ: सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न की बात हो, तो भारतीयों का भरोसा आज भी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर सबसे ज्यादा रहता है। इसी भरोसे को और मजबूत करते हुए देश के बड़े सरकारी बैंक, केनरा बैंक (Canara Bank) ने अपनी सावधि जमा दरों में बड़ा बदलाव किया है। बैंक के इस कदम से उन निवेशकों की चांदी होने वाली है जो लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। अगर आप भी ₹5 लाख की राशि को 2 साल के लिए बैंक में रखने का मन बना रहे हैं, तो निवेश से पहले यह कैलकुलेशन जरूर देख लें।
आम नागरिकों के लिए रिटर्न का पूरा गणित
केनरा बैंक की नई दरों के मुताबिक, अगर कोई सामान्य नागरिक (60 वर्ष से कम आयु) 2 साल की अवधि के लिए ₹5 लाख की एफडी कराता है, तो बैंक उन्हें 6.25% वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहा है।
कुल निवेश राशि: ₹5,00,000
ब्याज दर: 6.25% (सालाना)
2 साल में मिलने वाला कुल ब्याज: ₹66,027 (लगभग)
मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम: ₹5,66,027
वरिष्ठ नागरिकों की बल्ले-बल्ले: मिल रहा है एक्स्ट्रा ब्याज
बैंक ने सीनियर सिटीजन्स के लिए अपनी झोली और भी ज्यादा खोल रखी है। वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दरों के मुकाबले 0.50% अतिरिक्त ब्याज दिया जा रहा है। यानी 2 साल की एफडी पर उन्हें 6.75% की दर से रिटर्न मिलेगा। इस दर से ₹5 लाख के निवेश पर उन्हें मैच्योरिटी के समय कुल ₹5,71,624 मिलेंगे, जिसमें लगभग ₹71,624 का तो केवल ब्याज ही शामिल होगा।
कंपाउंडिंग का जादू: ऐसे बढ़ता है आपका पैसा
केनरा बैंक में एफडी कराने का एक बड़ा फायदा ‘क्वार्टरली कंपाउंडिंग’ (त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज) है। इसका अर्थ यह है कि बैंक हर तीन महीने में आपके द्वारा कमाए गए ब्याज को वापस मूलधन (Principal) में जोड़ देता है। अगले तीन महीनों के लिए ब्याज इसी बढ़ी हुई राशि पर कैलकुलेट होता है। यही वजह है कि 2 साल के अंत में मिलने वाली राशि आपकी उम्मीदों से थोड़ी ज्यादा होती है।
444 दिनों वाली स्पेशल स्कीम: कम समय में तगड़ा मुनाफा
अगर आप 2 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते और कम समय में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो केनरा बैंक की 444 दिनों की स्पेशल एफडी आपके लिए बेस्ट है। इस विशेष योजना में आम नागरिकों को 7.25% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.75% तक का बंपर ब्याज मिल रहा है। यह शॉर्ट टर्म निवेश के लिए वर्तमान में बाजार के सबसे आकर्षक विकल्पों में से एक है।
नोट: बैंक द्वारा मिलने वाला यह रिटर्न टीडीएस (TDS) कटौती के अधीन हो सकता है। यदि आपका सालाना ब्याज एक तय सीमा से अधिक है, तो बैंक टैक्स काटकर ही भुगतान करेगा। निवेश करने से पहले अपनी नजदीकी बैंक शाखा या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ताजा दरों की पुष्टि अवश्य करें।
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