उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक, गंगा एक्सप्रेस-वे अब पूरी तरह से रफ्तार भरने के लिए तैयार है। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई से इस मेगा प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे। मेरठ से लखनऊ और प्रयागराज तक की दूरी को पाटने वाला यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
उद्घाटन और रफ्तार: 29 अप्रैल से इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से फर्राटा भर सकेंगे। पीएम मोदी हरदोई जिले से इसका आधिकारिक शुभारंभ करेंगे।
बदायूं और बरेली को सीधा फायदा: एक्सप्रेस-वे का 95 किलोमीटर लंबा हिस्सा बदायूं से होकर गुजरता है। यहाँ तीन प्रमुख इंटरचेंज (दातागंज, बिनावर, और बनकोटा) बनाए गए हैं, जिससे बरेली और आसपास के लोगों का लखनऊ-प्रयागराज का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
हाई-टेक सुरक्षा और ऑटोमैटिक चालान: पूरे एक्सप्रेस-वे को आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली से लैस किया गया है। जगह-जगह सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हैं; ओवरस्पीडिंग करने पर ऑटोमैटिक ऑनलाइन चालान कट जाएगा।
हर 15 किमी पर पुलिस पिकेट: सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर 15 किलोमीटर पर पुलिस पिकेट और आपातकालीन एंबुलेंस की सुविधा होगी। आवारा पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरफ तार की बाड़ लगाई गई है।
औद्योगिक कॉरिडोर और रोजगार: एक्सप्रेस-वे के किनारे (विशेषकर बदायूं के दातागंज, बिनावर और बनकोटा के पास) एक बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
वर्तमान स्थिति: फिलहाल एक्सप्रेस-वे पर आम वाहनों का प्रवेश वर्जित है। उद्घाटन से पहले सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘रन ट्रायल’ (Run Trial) किए जा रहे हैं और हरियाली के लिए डिवाइडर व किनारों पर पौधारोपण की तैयारी है।
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