दीपक जलाते समय कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती? इस गुप्त मंत्र के जाप से बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

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News India Live, Digital Desk:  हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या देवी-देवताओं की पूजा बिना दीपक जलाए अधूरी मानी जाती है। दीपक न केवल अंधकार को दूर करता है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक भी है। हालांकि, शास्त्रों में दीपक जलाने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। यदि आप इन नियमों का पालन करते हुए एक विशेष मंत्र का जाप करते हैं, तो आपकी पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

मंत्र का प्रभाव: दीपक जलाते समय जरूर बोलें ये पंक्तियाँ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक जलाते समय नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण करना अत्यंत लाभकारी होता है। यह मंत्र न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है, बल्कि आरोग्य और सुख-शांति भी प्रदान करता है:

‘शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥’

अर्थ: शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन-संपदा देने वाली, तथा शत्रुओं की (बुरी) बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को मैं नमस्कार करता हूँ।

दीपक जलाने के 5 अचूक नियम: भूलकर भी न करें अनदेखी

ज्योतिष शास्त्र और वास्तु के अनुसार, दीप प्रज्वलन के समय इन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:

अखंड दीपक की स्थिति: यदि आप घर में अखंड ज्योति जलाते हैं, तो उसे हमेशा आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में रखें। इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

तेल और घी का अंतर: घी का दीपक हमेशा देवी-देवता के दाहिने (Right) हाथ की ओर होना चाहिए, जबकि तेल का दीपक हमेशा बाएं (Left) हाथ की ओर रखना चाहिए।

बाती का चयन: घी के दीपक के लिए रुई की सफेद बाती का उपयोग करें, जबकि तेल के दीपक के लिए लाल कलावे (मौली) की बाती सर्वोत्तम मानी जाती है।

खंडित दीपक का त्याग: कभी भी चटके हुए या खंडित मिट्टी के दीपक का उपयोग न करें। यह अशुभ माना जाता है और इससे वास्तु दोष पैदा होता है।

दीपक से दीपक न जलाएं: कभी भी एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक नहीं जलाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दब सकता है।

दिशाओं का महत्व: किस ओर हो दीपक की लौ?

दीपक की लौ (ज्योति) की दिशा भी आपके भाग्य पर असर डालती है। पूर्व दिशा की ओर मुख वाला दीपक लंबी आयु और आरोग्य प्रदान करता है। वहीं, उत्तर दिशा की ओर मुख वाला दीपक धन और समृद्धि लाता है। हालांकि, दक्षिण दिशा की ओर दीपक की लौ रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे पितरों की दिशा माना जाता है और सामान्य पूजा में यह वर्जित है।

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