
दीपावली के पावन अवसर पर गरीब और ग्रामीण परिवारों की रसोई में खुशियां बिखेरने के लिए सरकारों द्वारा ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर (Free LPG Refill) का उपहार दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में चुनावी वादों और कैबिनेट के नीतिगत फैसलों के अनुरूप उज्ज्वला लाभार्थियों को वर्ष में दो बार—दीपावली और होली के अवसर पर—पूर्णतः निःशुल्क गैस सिलेंडर देने का प्रावधान लागू है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस त्योहारी चरण के लिए करोड़ों उज्ज्वला परिवारों के वास्ते हजारों करोड़ रुपये का विशेष बजट स्वीकृत किया है, जिससे महिलाओं को त्योहार पर रसोई ईंधन की बढ़ती कीमतों से सीधी राहत मिल रही है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों पर पकवान और मिठाइयां बनाते समय किसी भी गरीब मां-बहन को लकड़ी या उपले के जहरीले धुएं से न जूझना पड़े। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ‘मुफ्त सिलेंडर’ का लाभ घर पर सीधे बिना पैसे दिए नहीं मिलता, बल्कि यह सरकार की पारदर्शी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के जरिए काम करता है। सिलेंडर लेते समय उपभोक्ता को तय खुदरा दर पर भुगतान करना होता है, जिसके बाद केंद्र की नियमित सब्सिडी और राज्य सरकार का अंशदान मिलकर पूरी धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में वापस आ जाती है। यदि किसी लाभार्थी की बैंकिंग या बायोमेट्रिक औपचारिकताएं अधूरी रह जाती हैं, तो वे इस लाभ से वंचित रह सकते हैं।
मुफ्त सिलेंडर की व्यवस्था में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की वित्तीय भागीदारी का एक निश्चित और पारदर्शी गणित है। जब कोई उज्ज्वला लाभार्थी गैस एजेंसी या हॉकर से 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करता है, तो प्रक्रिया इस प्रकार पूरी होती है:सबसे पहले डिलीवरी के समय उपभोक्ता को गैस वितरक एजेंसी को सिलेंडर की पूरी निर्धारित बाजार दर (जैसे लगभग ₹983 या क्षेत्रीय दर) का भुगतान नकद या ऑनलाइन करना होता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना के तहत दी जाने वाली ₹300 से ₹335 तक की सीधी केंद्रीय सब्सिडी लाभार्थी के बैंक खाते में क्रेडिट की जाती है। इसके तुरंत बाद, राज्य सरकार द्वारा शेष बची पूरी राशि (लगभग ₹648 से ₹650) सीधे राज्य के खजाने से तेल विपणन कंपनियों (OMCs – IOCL, BPCL, HPCL) के माध्यम से उसी बैंक खाते में भेज दी जाती है। इस प्रकार, दोनों भुगतानों को मिलाकर उपभोक्ता को दिया गया एक-एक पैसा उसके खाते में वापस आ जाता है और सिलेंडर व्यावहारिक रूप से शत-प्रतिशत ‘मुफ्त’ हो जाता है।
मुफ्त सिलेंडर का वित्तीय लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के खाते में स्वतः क्रेडिट होता है जो पेट्रोलियम मंत्रालय और राज्य सरकारों द्वारा तय निम्नलिखित तीन प्राथमिक शर्तों को पूरा करते हैं:
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सक्रिय पीएम उज्ज्वला कनेक्शन (Active PMUY Connection): उपभोक्ता का गैस कनेक्शन अनिवार्य रूप से ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) के अंतर्गत ही पंजीकृत होना चाहिए। सामान्य घरेलू गैर-उज्ज्वला कनेक्शन (General Domestic Connection) धारक इस त्योहारी मुफ्त योजना के पात्र नहीं होते।
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आधार बायोमेट्रिक e-KYC का पूर्ण होना: तेल कंपनियों (इंडेन, भारत गैस, एचपी गैस) के रिकॉर्ड में लाभार्थी महिला का बायोमेट्रिक या फेस-ऑथेंटिकेशन e-KYC पूर्ण रूप से सत्यापित और अपडेटेड होना अनिवार्य है। जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी अधूरी है, उनकी सब्सिडी तुरंत होल्ड कर दी जाती है।
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आधार-सीडेड और डीबीटी सक्षम बैंक खाता (Aadhaar Seeding & NPCI Mapping): लाभार्थी का बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के मैपर पर आधार से लिंक होना चाहिए ताकि सरकार द्वारा भेजी गई डीबीटी राशि बिना किसी तकनीकी रुकावट के खाते में ट्रांसफर हो सके।
दिवाली के इस मुफ्त रिफिल का लाभ लेने के लिए किसी नए विशेष फॉर्म या अलग आवेदन की आवश्यकता नहीं होती। पंजीकृत लाभार्थियों को बस अपने नियमित बुकिंग माध्यम का उपयोग करना होता है:
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चरण 1 (गैस बुकिंग करें): अपनी संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर, आईवीआरएस (IVRS), मिस्ड कॉल सर्विस, वॉट्सऐप नंबर अथवा संबंधित मोबाइल ऐप (जैसे इंडियनऑयल ONE, हैलो बीपीसीएल या एचपी पे ऐप) के जरिए अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 14.2 किलो के रिफिल की बुकिंग दर्ज करें।
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चरण 2 (डिलीवरी और भुगतान): जब एलपीजी डिलीवरी हॉकर आपके पते पर सिलेंडर लेकर आए, तो उसे गैस की पर्ची (कैश मेमो) पर दर्ज वास्तविक कीमत का भुगतान करें और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) साझा करके डिलीवरी पूरी कराएं।
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चरण 3 (कैश मेमो और रसीद संभालें): डिलीवरी कर्मी से आधिकारिक कंप्यूटराइज्ड कैश मेमो रसीद अवश्य प्राप्त करें और उसे सुरक्षित रखें।
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चरण 4 (बैंक खाते का बैलेंस चेक करें): डिलीवरी कन्फर्म होने के 3 से 7 कार्य दिवसों के भीतर केंद्र और राज्य सरकार का सब्सिडी रिफंड आपके डीबीटी-लिंक्ड बैंक खाते में जमा हो जाता है। अपने पासबुक की एंट्री कराकर या बैंक के एसएमएस अलर्ट से राशि की पुष्टि कर लें।
यदि आपने सिलेंडर बुक करके ले लिया है लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आपके खाते में मुफ्त सिलेंडर की सब्सिडी राशि नहीं आई है, तो तुरंत निम्नलिखित सुधारात्मक कदम उठाएं:
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गैस एजेंसी जाकर KYC स्टेटस चेक करें: तुरंत अपनी गैस डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी के कार्यालय जाएं और वहां पीओएस (POS) बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान लगाकर या फेस स्कैनिंग के जरिए अपनी e-KYC दोबारा पूरी कराएं।
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बैंक में NPCI डीबीटी मैपिंग की जांच: अपनी बैंक शाखा में जाएं और बैंक मैनेजर से पुष्टि करें कि आपका बैंक खाता आधार से ‘Active DBT’ के रूप में लिंक है या नहीं। यदि खाता इनऑपरेटिव या फ्रोजन है, तो उसे तत्काल सक्रिय कराएं।
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उज्ज्वला हेल्पलाइन पर संपर्क: यदि सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद भुगतान रुका हुआ है, तो उज्ज्वला योजना के आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14438 अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय के ग्राहक सहायता नंबर 1906 पर कॉल करके अपनी बुकिंग और उपभोक्ता संख्या (Consumer ID) दर्ज कराकर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी दलाल या अनधिकृत व्यक्ति को योजना के नाम पर कोई अतिरिक्त कमीशन या शुल्क न दें।
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