
केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PM-GKAY) देश के गरीब, मजदूर और वंचित तबके के लिए सबसे बड़ी जीवन रेखा साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने इस योजना की समय-सीमा को दिसंबर 2028 तक विस्तार दिया है, जिससे देशभर के 81.35 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न (चावल, गेहूं व मोटे अनाज) का निरंतर लाभ दिया जा रहा है। पहले जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत ₹1 से ₹3 प्रति किलो की रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराया जाता था, वहीं अब इस एकीकृत योजना के तहत शत-प्रतिशत मुफ्त अनाज दिया जा रहा है, यानी उचित मूल्य की दुकान (कोटेदार) पर लाभार्थी को ₹0 भुगतान करना होता है। राशन वितरण की प्रणाली में अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि 35 किलो राशन किसे मिलता है और प्रति यूनिट 5 किलो का क्या नियम है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के नियमों के अनुसार राशन कार्ड धारकों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर मासिक अनाज का कोटा तय होता है। जो परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और अभी तक राशन कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति पोर्टल के जरिए नया डिजिटल राशन कार्ड बनवाकर इस योजना का सीधा लाभ ले सकते हैं।
मुफ्त राशन योजना के तहत खाद्यान्न का आवंटन कार्ड की श्रेणी और परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर कड़ाई से लागू किया गया है:
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अंत्योदय अन्न योजना (AAY – पीला/गुलाबी राशन कार्ड): यह कार्ड समाज के सबसे निर्धन और असहाय परिवारों (Poorest of the Poor) को जारी किया जाता है। इस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक परिवार को परिवार के सदस्यों की संख्या चाहे जो भी हो, प्रति माह एकमुश्त 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (सामान्यतः 21 किलो चावल और 14 किलो गेहूं अथवा क्षेत्रीय उपलब्धता के अनुसार मोटा अनाज) प्रदान किया जाता है।
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प्राथमिकता वाले परिवार (PHH – सफेद/खाकी राशन कार्ड): गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले अन्य पात्र परिवारों को पीएचएच श्रेणी में रखा जाता है। इस कार्ड पर परिवार के प्रति सदस्य (प्रति यूनिट) के हिसाब से 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज प्रति माह आवंटित किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार में 6 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें हर महीने कुल 30 किलोग्राम अनाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।
अंत्योदय राशन कार्ड का आवंटन बेहद सख्त सामाजिक व आर्थिक मानकों के आधार पर किया जाता है ताकि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिले। निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले परिवार अंत्योदय कार्ड के लिए पात्र माने जाते हैं:
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ऐसे भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर (जैसे कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, मोची) और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर जिनकी कोई निश्चित मासिक आय नहीं है।
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ऐसे परिवार जिनका संचालन 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं अथवा गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्ति कर रहे हों और उनके पास भरण-पोषण का कोई अन्य नियमित वित्तीय सहारा न हो।
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आदिम और घुमंतू जनजातीय समुदाय (Primitive Tribal Households) के परिवार।
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एचआईवी/एड्स या अन्य गंभीर असाध्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति जो मजदूरी करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
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जिन परिवारों की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अति-गरीबी सीमा (सामान्यतः ₹15,000 से ₹25,000 वार्षिक) के नीचे दर्ज है। (अपात्रता नियम: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है, आयकर दाखिल करता है, परिवार के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा पांच एकड़ से अधिक सिंचित कृषि भूमि है, तो वह अंत्योदय या बीपीएल राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं होगा।)
नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय परिवार के सभी सदस्यों के वैध दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है:
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मुखिया की जानकारी: परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला (18 वर्ष या उससे अधिक आयु) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत परिवार का कानूनी मुखिया माना जाता है। मुखिया की तीन हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
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पहचान व पते का प्रमाण: परिवार के सभी वयस्क व नाबालिग सदस्यों के पहचान पत्र (नागरिक पहचान पत्र) की प्रमाणित प्रति।
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निवास प्रमाण पत्र: बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन पासबुक या स्थानीय निकाय द्वारा जारी निवास प्रमाण।
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आय प्रमाण पत्र: तहसील के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी चालू वर्ष का वैध आय प्रमाण पत्र।
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बैंक खाता पासबुक: परिवार की मुखिया महिला के बैंक खाते का विवरण और आईएफएससी कोड (डीबीटी सक्षम)।
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शपथ पत्र: इस आशय का स्व-घोषणा पत्र कि परिवार के पास पहले से देश के किसी अन्य राज्य या जिले में राशन कार्ड नहीं बना हुआ है।
राशन कार्ड जारी करने और उसकी सूची संकलित करने का संवैधानिक अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
1. राज्य खाद्य पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन
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केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य पोर्टल (nfsa.gov.in) पर जाएं अथवा अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे fcs.up.gov.in, epds.bihar.gov.in आदि) खोलें।
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होमपेज पर ‘Citizen Services’ सेक्शन में जाकर ‘Apply for New Ration Card’ विकल्प का चयन करें।
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अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापन के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
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आवेदन फॉर्म में अपने जिले, ब्लॉक/तहसील, ग्राम पंचायत या वार्ड और नजदीकी उचित मूल्य दुकान (राशन कोटेदार) का चयन करें।
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परिवार की मुखिया महिला का व्यक्तिगत विवरण और बैंक खाता संख्या भरें।
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‘Add Family Member’ विकल्प पर क्लिक करके परिवार के अन्य सभी सदस्यों के नाम, उम्र, लिंग और पहचान पत्र विवरण सही-सही जोड़ें।
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सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में) अपलोड करें।
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फॉर्म सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर जारी होगा। इस रसीद का प्रिंटआउट निकाल लें।
2. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या खाद्य आपूर्ति कार्यालय से ऑफलाइन आवेदन
ग्रामीण या सुदूर इलाकों के नागरिक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरवा सकते हैं। इसके अलावा, ब्लॉक या तहसील स्थित आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) अथवा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के कार्यालय से निःशुल्क राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को साफ अक्षरों में भरकर सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ कार्यालय में जमा करें और पावती रसीद अवश्य प्राप्त करें।
आवेदन जमा होने के बाद खाद्य विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल या आपूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदक के घर और आय का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सत्यापन रिपोर्ट सकारात्मक पाए जाने पर 15 से 30 कार्य दिवसों के भीतर राशन कार्ड स्वीकृत कर दिया जाता है और डिजिटल राशन कार्ड पोर्टल पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) प्रणाली के तहत यदि कोई कार्डधारक रोजी-रोटी के सिलसिले में अपने गृह राज्य से किसी दूसरे राज्य में प्रवास करता है, तो उसे नया कार्ड बनवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी गूगल प्ले स्टोर से ‘Mera Ration’ आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपने आधार या राशन नंबर से नजदीकी राशन डीलर का पता लगा सकते हैं और बायोमेट्रिक ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाकर देश के किसी भी कोने में अपने हिस्से का मुफ्त राशन प्राप्त कर सकते हैं। राशन प्राप्त करने में किसी भी अनियमितता या डीलर द्वारा पैसे मांगने की स्थिति में राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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