
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। बोर्ड की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड कोई अंतिम प्रवेश पत्र नहीं होता, बल्कि यह परीक्षार्थियों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों—विशेष रूप से नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो, हस्ताक्षर और विषयों की जांच करने का एक अवसर प्रदान करता है।
इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थी के चयनित विषय होते हैं। कई बार फॉर्म भरते समय ऑनलाइन ऑपरेटर या विद्यालय स्तर पर मानवीय भूल के कारण आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स संकाय (Faculty) के अनिवार्य (Compulsory), ऐच्छिक (Elective) अथवा अतिरिक्त/ऐच्छिक 6ठे विषय (Additional Subject) में गलती दर्ज हो जाती है। यदि समय रहते डमी एडमिट कार्ड में इस गलती को ठीक नहीं कराया गया, तो मुख्य एडमिट कार्ड और मार्कशीट में वही गलत विषय मुद्रित हो जाएंगे, जिससे परीक्षा के दिन केंद्र पर प्रश्नपत्र मिलने में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
इंटर परीक्षा प्रणाली में तीनों संकायों के लिए कुल 500 अंकों के मुख्य विषय और 100 अंकों का एक अतिरिक्त विषय निर्धारित होता है। डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने संकाय के अनुसार निम्नलिखित विषयों का मिलान अवश्य करना चाहिए:
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अनिवार्य भाषा विषय (Compulsory Language Subjects – कुल 200 अंक):
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भाषा 1 (Language 1 – 100 अंक): सामान्यतः हिंदी या अंग्रेजी।
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भाषा 2 (Language 2 – 100 अंक): पहली भाषा से भिन्न कोई अन्य भाषा (जैसे इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत आदि)।
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अक्सर होने वाली गलती: छात्र ने पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा अंग्रेजी चुनी थी, लेकिन डमी कार्ड में दोनों जगह एक ही भाषा या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा दर्ज हो जाती है।
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ऐच्छिक विषय (Elective Subjects – कुल 300 अंक):
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Science (विज्ञान संकाय): फिजिक्स (Physics) और केमिस्ट्री (Chemistry) अनिवार्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में मैथमेटिक्स (Mathematics) या बायोलॉजी (Biology) का चयन होता है। कई बार छात्र बायोलॉजी मुख्य रखना चाहते हैं, लेकिन उनका गणित मुख्य विषय बन जाता है।
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Commerce (वाणिज्य संकाय): बिजनेस स्टडीज (Business Studies) और अकाउंटेंसी (Accountancy) मुख्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में इकोनॉमिक्स (Economics) या एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।
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Arts (कला संकाय): इतिहास (History), राजनीति विज्ञान (Political Science), भूगोल (Geography), अर्थशास्त्र (Economics), मनोविज्ञान (Psychology), समाजशास्त्र (Sociology) या गृह विज्ञान (Home Science) जैसे विषयों में से किन्हीं तीन का चयन होता है। यहां गलत विषय कोड डलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।
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अतिरिक्त विषय (Additional / 6th Subject – 100 अंक):
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यदि किसी छात्र ने अतिरिक्त विषय (जैसे साइंस में मैथ्स के साथ बायो या कंप्यूटर साइंस) नहीं चुना था, फिर भी कार्ड में शो हो रहा है, या चुना था और कार्ड से गायब है, तो इसमें तत्काल सुधार आवश्यक होता है।
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बिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन उसमें सुधार करने का सीधा ऑनलाइन अधिकार केवल संबंधित विद्यालय या इंटर कॉलेज के प्रधान (Principal) के पास होता है। छात्र व्यक्तिगत स्तर पर पोर्टल पर लॉगिन करके सीधे डेटा एडिट नहीं कर सकते। सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:
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डमी एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट निकालें: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (seniorsecondary.biharboardonline.com) से अपना डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसकी दो साफ फोटोकॉपी (प्रिंटआउट) कराएं।
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गलत विषय को पेन से चिह्नित करें: डमी एडमिट कार्ड पर जहां विषय की सूची छपी है, वहां गलत विषय के नाम को लाल या काले पेन से काटें (स्ट्राइक करें) और उसके ठीक सामने या ऊपर सही विषय का नाम और उसका आधिकारिक सब्जेक्ट कोड (Subject Code) साफ अक्षरों में लिखें।
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प्रधानाचार्य के नाम औपचारिक आवेदन लिखें: अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधान के नाम एक सादे कागज पर औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें। इसमें अपना नाम, रोल कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर, संकाय (Arts/Science/Commerce) और किस विषय के स्थान पर कौन सा विषय बदलना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करें।
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हस्ताक्षर कर कार्यालय में जमा करें: आवेदन पत्र के साथ मार्क की गई डमी एडमिट कार्ड की प्रति संलग्न करें। उस पर अपने और अपने अभिभावक के हस्ताक्षर करवाएं। विद्यालय कार्यालय या परीक्षा प्रभारी के पास यह दस्तावेज जमा करें और दूसरी प्रति पर रिसीविंग (पावती मुहर व हस्ताक्षर) अवश्य ले लें।
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स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेशन: विद्यालय प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए बिहार बोर्ड के सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। वहां ‘Student Correction’ सेक्शन में जाकर छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर त्रुटिपूर्ण विषय को हटाकर सही विषय कोड को ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।
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संकाय (Stream/Faculty) परिवर्तन की अनुमति नहीं: डमी एडमिट कार्ड चरण में केवल संकाय के भीतर के विषयों में संशोधन संभव होता है। यदि कोई छात्र साइंस से आर्ट्स या कॉमर्स में पूरी स्ट्रीम बदलना चाहता है, तो बोर्ड के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के बाद स्ट्रीम परिवर्तन की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाती।
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समय-सीमा (Correction Window): बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड सुधार के लिए एक सीमित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 दिन) तय की जाती है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाता है और विद्यालय प्रधान भी कोई बदलाव नहीं कर पाते।
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2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड: पहले चरण में सुधार दर्ज होने के बाद बोर्ड संशोधित डेटा के साथ ‘द्वितीय डमी एडमिट कार्ड’ (2nd Dummy Admit Card) जारी करता है। छात्रों को उसे दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया विषय सुधार पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज हो चुका है।
यदि किसी छात्र के विषय में त्रुटि रह जाती है और वह सुधार नहीं करवाता, तो उसे परीक्षा में उसी गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ सकती है, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड आते ही बिना देरी किए अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।
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