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जायसवाल का खाता खुला नहीं, पडिक्कल-जुरेल ने संभाली पारी; न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दिन इंडिया ए का स्कोर 291/7

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और घरेलू सर्किट से इस वक्त भारत के युवा क्रिकेटरों के प्रदर्शन को लेकर एक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण खबर सामने आ रही है। न्यूजीलैंड के दौरे पर खेली जा रही इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज (Unofficial Test Series) का दूसरा मुकाबला क्राइस्टचर्च के ऐतिहासिक हेगली ओवल मैदान (Hagley Oval, Christchurch) पर खेला जा रहा है। मैच के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 291 रन बना लिए हैं। मैच की शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जहां सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल लगातार तीसरी पारी में फ्लॉप साबित हुए और अपना खाता तक नहीं खोल पाए। हालांकि, इसके बाद कप्तान ध्रुव जुरेल और देवदत्त पडिक्कल ने सूझबूझ भरी पारियां खेलकर टीम इंडिया की नैया को संकट से बाहर निकाला। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे इस रोमांचक मुकाबले के पहले दिन क्या-क्या खास देखने को मिला।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया ए की खराब शुरुआत

क्राइस्टचर्च के ठंडे और चुनौतीपूर्ण माहौल में खेले जा रहे इस दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ए की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कीवी गेंदबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया।

भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) के लिए यह दौरा बेहद निराशाजनक साबित हो रहा है। न्यूजीलैंड दौरे पर लगातार तीसरी पारी खेलते हुए जायसवाल एक बार फिर पूरी तरह फ्लॉप रहे और इस बार तो उनका खाता तक नहीं खुला। वे बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। इस पूरी सीरीज की शुरुआती तीन पारियों में जायसवाल के आंकड़े 17, 5 और 0 रहे हैं, जो उनके कद के हिसाब से बेहद चिंताजनक हैं। उनके आउट होने के बाद भारतीय खेमे में शुरुआती झटकों से हड़कंप मच गया था।

साई सुदर्शन की सधी हुई शुरुआत लेकिन बड़ी पारी में बदलने में नाकाम

यशस्वी जायसवाल के आउट होने के बाद क्रीज पर आए प्रतिभाशाली बल्लेबाज साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) ने पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने एक छोर से टिककर खेलते हुए उपयोगी 41 रनों का योगदान दिया।

सुदर्शन को इस दौरे पर लगातार अच्छी शुरुआत मिल रही है, और वे क्रीज पर सेट भी हो रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ मैचों से उनके बल्ले से शतक का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील न कर पाना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है। साई सुदर्शन के आउट होने के बाद विकेटों के पतन का सिलसिला लगातार जारी रहा, जिससे भारतीय टीम एक समय बेहद संकट में नजर आने लगी।

देवदत्त पडिक्कल का शानदार अर्धशतक, एक छोर से लगातार गिरते रहे विकेट

जब भारतीय टीम के शीर्ष बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौट रहे थे, तब अनुभवी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने अपनी बेहतरीन फॉर्म का मुजायरा पेश किया। पडिक्कल ने बेहद सूझबूझ और तकनीक का परिचय देते हुए शानदार बल्लेबाजी की।

देवदत्त पडिक्कल ने 140 गेंदों का सामना करते हुए 80 रनों की बेहद मूल्यवान और जुझारू पारी खेली। उन्होंने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का लंबे समय तक साथ नहीं मिल पाया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और देखते ही देखते भारतीय टीम का स्कोर मात्र 160 रनों के कुल योग पर अपने 6 महत्वपूर्ण विकेट गंवा चुका था। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय मिडल ऑर्डर पर पूरी तरह शिकंजा कस लिया था, और ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम सस्ते में सिमट जाएगी।

कप्तान ध्रुव जुरेल की कप्तानी पारी, नाबाद 99 रन बनाकर क्रीज पर डटे

मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाल रहे कप्तान ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) ने संकटमोचन की भूमिका निभाते हुए एक ऐतिहासिक और कप्तानी पारी खेली। जुरेल ने एक छोर पर चट्टान की तरह खड़े होकर टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।

पहले दिन का खेल खत्म होने तक ध्रुव जुरेल 155 गेंदों में शानदार 99 रन बनाकर नाबाद खेल रहे हैं। अपने शतक से महज एक रन दूर जुरेल ने जिस संयम और परिपक्वता का परिचय दिया है, उसने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है। कप्तान का साथ देने के लिए निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी बखूबी जिम्मेदारी निभाई।

अहम साझेदारियों ने टीम इंडिया को 291 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया

160 रन पर 6 विकेट गिर जाने के बाद कप्तान ध्रुव जुरेल ने पारी को आगे बढ़ाने के लिए छोटी लेकिन बेहद अहम साझेदारियां कीं। सबसे पहले उन्होंने मानव सुतार के साथ मिलकर महत्वपूर्ण 62 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम पर मंडरा रहा ऑलआउट का खतरा टल गया।

इसके बाद जुरेल ने आकाशदीप के साथ मोर्चा संभाला। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इन दोनों के बीच 69 रनों की बेहतरीन नाबाद साझेदारी हो चुकी है। आकाशदीप भी जुरेल का अच्छा साथ निभा रहे हैं, जिसके चलते इंडिया ए की टीम पहले दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट के नुकसान पर 291 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा करने में सफल रही है। न्यूजीलैंड की तरफ से गेंदबाजी करते हुए फ्रेजर शीट ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया।

मैच का आगे का समीकरण और भारत की रणनीतिक स्थिति

पहला अनऑफिशियल टेस्ट मैच काफी रोमांचक मोड़ पर था, जहां भारतीय टीम जीत के बेहद करीब पहुंच चुकी थी, लेकिन खराब रोशनी (Bad Light) के कारण वह जीत से केवल एक विकेट दूर रह गई थी और मैच ड्रॉ हो गया था। इस बार टीम इंडिया कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

कप्तान ध्रुव जुरेल दूसरे दिन मैदान पर उतरते ही अपने शतक को पूरा करना चाहेंगे और भारतीय पारी को 350 के पार ले जाने का प्रयास करेंगे। यदि निचले क्रम के बल्लेबाज दूसरे दिन कुछ और रन जोड़ने में सफल रहते हैं, तो न्यूजीलैंड ए के सामने पहली पारी में एक बड़ा लक्ष्य या मजबूत बढ़त हासिल की जा सकती है। क्राइस्टचर्च के इस मैदान पर गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए अभी काफी रोमांच बचा हुआ है, जिस पर क्रिकेट प्रेमियों की पैनी नजर बनी हुई है।