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कानपुर में 10% तक महंगी हो सकती है जमीन: प्रीमियम फ्लैटों के बढ़ेंगे सर्किल रेट, बड़े भूखंडों और पुरानी इमारतों पर मिलेगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कहे जाने वाले प्रमुख महानगर कानपुर (Kanpur) से प्रॉपर्टी बाजार और रियल एस्टेट से जुड़ी एक बहुत ही बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। अगर आप भी कानपुर में जमीन, मकान, दुकान या नया फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। कानपुर प्रशासन और स्टांप विभाग महानगर में नए सर्किल रेट (Circle Rates) में संशोधन करने की पूरी तैयारी कर चुका है। इस नए बदलाव के तहत शहर में जमीन, मकान और दुकानों के दामों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस बार के प्रस्ताव में आम जनता और बड़े निवेशकों को राहत देने के लिए कई खास प्रावधान भी किए गए हैं, जिसके तहत प्रीमियम फ्लैट्स और आधुनिक सुविधाओं वाले आवास महंगे होंगे, तो वहीं बड़े भूखंडों (Large Plots) और पुरानी इमारतों (Old Buildings) पर भारी छूट दी जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि कानपुर के नए सर्किल रेट के इस प्रस्ताव में क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं और इसका आम जनता की जेब पर क्या असर पड़ेगा।

कानपुर में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं सर्किल रेट, जानें क्या है पूरा प्रस्ताव

महानिरीक्षक निबंधन (IG Registration) द्वारा मानकीकृत मूल्यांकन सूची का संशोधित प्रारूप जिलाधिकारी और एआईजी स्टांप को भेज दिया गया है। स्थानीय आवश्यकताओं और बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए अब जिला स्तर पर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सब रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा कानपुर के अलग-अलग इलाकों के हिसाब से नए सर्किल रेट के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इन प्रस्तावों पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी, और आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलाधिकारी की अंतिम अनुमति से इन्हें पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगने की संभावना है। नए बदलावों के लागू होने के बाद कानपुर में जमीन और मकान खरीदना थोड़ा महंगा हो सकता है, क्योंकि शहर के कई इलाकों में सर्किल रेट 5% से लेकर 10% तक बढ़ाए जाने की तैयारी है।

प्रीमियम फ्लैट और आधुनिक सुविधाओं वाले आवास होंगे महंगे

कानपुर के रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ सालों में मल्टी-स्टोरी इमारतों और लग्जरी प्रोजेक्ट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने हाई-एंड और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर शिकंजा कसने और राजस्व बढ़ाने की तैयारी की है।

नए प्रस्ताव के अनुसार, जिन अपार्टमेंट्स और सोसायटियों में स्विमिंग पूल (Swimming Pool), अत्याधुनिक जिम (Modern Gymnasium), क्लब हाउस और अन्य लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, उनके सर्किल रेट में विशेष बढ़ोतरी की जाएगी। यानी यदि आप शहर के किसी पॉश इलाके में तमाम सुख-सुविधाओं से लैस प्रीमियम फ्लैट खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको पहले के मुकाबले अधिक स्टांप शुल्क और कीमत चुकानी पड़ सकती है। प्रशासन का मानना है कि शहर के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए इस तरह के प्रीमियम और वाणिज्यिक क्षेत्रों का मूल्यांकन वास्तविक बाजार मूल्य के करीब होना जरूरी है।

बड़े भूखंडों (Residential & Industrial Plots) पर मिलेगी बंपर छूट

एक तरफ जहां छोटे और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के दाम बढ़ेंगे, वहीं दूसरी तरफ बड़े भूखंड खरीदने वाले निवेशकों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि सरकार ने बड़े एरिया पर विशेष छूट का ऐलान किया है।

  • आवासीय भूखंडों पर छूट: यदि कोई व्यक्ति 1,000 से 2,000 वर्ग मीटर तक का भूखंड खरीदता है, तो पहले 1,000 वर्ग मीटर पर कोई छूट नहीं मिलेगी, लेकिन उसके बाद के शेष क्षेत्रफल के सर्किल रेट पर सीधे 20% की छूट दी जाएगी। वहीं, 2,000 से 3,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर पहले 1,000 वर्ग मीटर पर कोई छूट नहीं, अगले 1,000 वर्ग मीटर पर 20% और शेष क्षेत्रफल पर 25% तक की भारी छूट का प्रावधान किया गया है।

  • औद्योगिक भूखंडों पर राहत: केडीए (KDA), आवास विकास, यूपीसीडा (UPSIDA) या अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में 500 से 2,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर पहले 500 वर्ग मीटर के बाद शेष क्षेत्रफल पर 30% की छूट मिलेगी। इसी तरह 2,000 से 6,000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों पर शुरुआती 500 वर्ग मीटर छोड़कर अगले 2,000 वर्ग मीटर पर 30% और बाकी बचे हिस्से पर 40% तक की भारी छूट दी जाएगी।

वाणिज्यिक (Commercial) भूखंडों और कार्यालयों के लिए तय किए गए नए नियम

व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और छोटे-बड़े दफ्तरों व संस्थानों को राहत देने के लिए वाणिज्यिक भूखंडों के मूल्यांकन में भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।

यदि कोई व्यक्ति कार्यालय, बैंक, कॉरपोरेट ऑफिस या निजी क्लीनिक के लिए जमीन या संपत्ति खरीदता है, तो 50 वर्ग मीटर तक तय मानक दर लागू होगी, जबकि इससे अधिक क्षेत्रफल के शेष हिस्से पर छूट का प्रतिशत स्थानीय स्तर पर तय किया जाएगा। इसी प्रकार होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, ढाबा, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप, क्लब और कोचिंग सेंटर जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 100 वर्ग मीटर तक मानक दर लागू होगी और उससे ऊपर के शेष क्षेत्रफल पर नियमों के तहत छूट प्रदान की जाएगी।

पुरानी इमारतों और कम चौड़ी सड़क वाले इलाकों के मकान मालिकों को बड़ी राहत

कानपुर के पुराने घनी आबादी वाले इलाकों जैसे कलक्टरगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ या अनवरगंज जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह संशोधित प्रस्ताव एक बड़ी राहत लेकर आया है।

  • भवन की उम्र के हिसाब से छूट: अब तक पुरानी इमारतों के मूल्यांकन को लेकर स्पष्ट राहत नहीं मिलती थी, लेकिन नए नियमों के तहत भवन की उम्र (Age of Building) के आधार पर सर्किल रेट में सीधी छूट मिलेगी। यदि भवन 20 वर्ष तक पुराना है, तो कोई छूट नहीं मिलेगी, लेकिन 20 से 30 वर्ष पुराने भवन पर 20%, 30 से 40 वर्ष पुराने भवन पर 30%, और 40 से 50 वर्ष तक पुरानी इमारतों के सर्किल रेट पर 40% तक की बड़ी छूट दी जाएगी।

  • सड़क की चौड़ाई का नया पैमाना: पहले सर्किल रेट मुख्य रूप से 9 से 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के आधार पर तय होते थे, जिससे तंग गलियों और छोटी सड़कों पर बने मकानों के खरीदारों को नुकसान होता था। अब नौ मीटर से कम चौड़ी सड़क (जैसे 4 मीटर से 8 मीटर और 8 से 12 मीटर की सड़कें) के सामने स्थित भूखंडों, फ्लैटों और मकानों के लिए अलग और राहत भरी श्रेणियां बनाई गई हैं, जिससे पुरानी बस्तियों के निवासियों को बड़ी वित्तीय राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।