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डॉक्टर की सलाह के बिना मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने से क्या होता

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत को दुरुस्त रखने और शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के डाइटरी सप्लीमेंट्स (Dietary Supplements) खाने का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर अच्छी नींद, तनाव मुक्ति, मांसपेशियों के खिंचाव (Muscle Cramps) और बेहतर डाइजेशन का हवाला देकर सोशल मीडिया पर मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स (Magnesium Supplements) का जमकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसे देखकर लोग बिना किसी मेडिकल टेस्ट और बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के ओवर-द-काउंटर (OTC) मैग्नीशियम की गोलियां और कैप्सूल खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुद से डॉक्टर बनकर किसी भी खनिज का अत्यधिक सेवन करना आपके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है? मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है कि शरीर में मैग्नीशियम का ओवरडोज (Overdose) यानी ‘हाइपरमैग्नेसीमिया’ (Hypermagnesemia) की स्थिति पैदा कर सकता है, जो आपके दिल, गुर्दे और पाचन तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।

#1 मैग्नीशियम शरीर के लिए कितना जरूरी है और हमें रोजाना कितनी मात्रा की जरूरत होती है?

मैग्नीशियम इंसानी शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक खनिज (Essential Mineral) है, जो शरीर के भीतर होने वाली 300 से अधिक बायोकेमिकल प्रतिक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, हृदय की धड़कन को सामान्य बनाए रखने और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को ठीक से काम करने में मदद करता है। आमतौर पर एक वयस्क पुरुष को रोजाना लगभग 400 से 420 मिलीग्राम और एक वयस्क महिला को 310 से 320 मिलीग्राम मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। जो लोग संतुलित आहार लेते हैं—जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सूखे मेवे (अखरोट, बादाम), बीज (कद्दू के बीज), और साबुत अनाज शामिल हैं—उन्हें सामान्यतः अलग से सप्लीमेंट लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन जब बिना जांच कराए बाहरी रूप से दवा के रूप में इसे अतिरिक्त लिया जाता है, तो शरीर में इसका संतुलन बिगड़ने लगता है।

#1 बिना डॉक्टरी सलाह के मैग्नीशियम ओवरडोज के शुरुआती और गंभीर साइड इफेक्ट्स

जब कोई व्यक्ति भोजन के अलावा सप्लीमेंट्स के जरिए मैग्नीशियम का अत्यधिक सेवन करने लगता है, तो उसकी किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि गुर्दे अतिरिक्त मैग्नीशियम को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में असमर्थ हो जाते हैं, तो खून में इसका स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है। इसके कारण शरीर में निम्नलिखित लक्षण और नुकसान देखने को मिल सकते हैं:

  • पाचन तंत्र का बिगड़ना (Diarrhea and Stomach Cramps): मैग्नीशियम सप्लीमेंट के ओवरडोज का सबसे पहला और आम असर पेट पर पड़ता है। अधिक मात्रा में मैग्नीशियम साइट्रेट या मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड लेने से तेज दस्त, पेट में ऐंठन, मतली और उल्टी की समस्या शुरू हो जाती है, जिससे शरीर में पानी की कमी (Dehydration) हो सकती है।

  • ब्लड प्रेशर का खतरनाक रूप से गिरना (Low Blood Pressure / Hypotension): मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। लेकिन जब इसका स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो रक्तचाप अचानक बहुत नीचे गिर जाता है, जिससे व्यक्ति को चक्कर आने, धुंधला दिखने और बेहोशी महसूस होने लगती है।

  • मांसपेशियों में कमजोरी और सुस्ती (Muscle Weakness & Lethargy): अत्यधिक मैग्नीशियम नसों और मांसपेशियों के बीच के सिग्नल को धीमा कर देता है, जिससे पूरे शरीर में अत्यधिक सुस्ती, थकान, मांसपेशियों में अकड़न या कमजोरी महसूस होने लगती है।

  • हृदय गति में अनिमितता (Irregular Heartbeat & Cardiac Arrest): गंभीर हाइपरमैग्नेसीमिया की स्थिति में हृदय की धड़कन अनियंत्रित (Arrhythmia) हो सकती है। खून में मैग्नीशियम का बहुत उच्च स्तर दिल का दौरा (Cardiac Arrest) पड़ने या सांस लेने में गंभीर तकलीफ का कारण भी बन सकता है।

#1 किन्हें होता है मैग्नीशियम ओवरडोज का सबसे ज्यादा खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक, जिन लोगों की किडनी (गुर्दे) पूरी तरह से स्वस्थ होती हैं, उनका शरीर सप्लीमेंट से मिली थोड़ी-बहुत अतिरिक्त मात्रा को यूरिन के रास्ते बाहर निकाल देता है। हालांकि, लंबे समय तक हाई डोज लेने पर स्वस्थ लोगों को भी नुकसान होता है। लेकिन किडनी की बीमारी (Chronic Kidney Disease) से जूझ रहे मरीजों, बुजुर्गों, दिल के रोगियों और गर्भवती महिलाओं के लिए बिना सलाह मैग्नीशियम लेना जानलेवा साबित हो सकता है। किडनी के मरीजों में शरीर से अतिरिक्त मिनरल्स बाहर निकालने की क्षमता कम होती है, जिससे उनके शरीर में टॉक्सिसिटी बहुत तेजी से फैलती है। इसके अलावा, जो लोग पहले से ही ब्लड प्रेशर या एंटीबायोटिक्स दवाएं खा रहे हैं, उनके लिए मैग्नीशियम सप्लीमेंट उन दवाओं के असर को बदलकर शरीर में प्रतिकूल प्रभाव पैदा कर सकता है।

#1 कब और कैसे लें मैग्नीशियम सप्लीमेंट? जानिए एक्सपर्ट्स की सही राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है कि कभी भी किसी रील्स, सोशल मीडिया पोस्ट या दोस्त के कहने पर सप्लीमेंट्स की शुरुआत न करें। यदि आपको लगातार नींद न आने (Insomnia), अत्यधिक चिंता, या मांसपेशियों में लगातार ऐंठन की शिकायत है, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर या पैथोलॉजी लैब में जाकर ‘सीरम मैग्नीशियम ब्लड टेस्ट’ (Serum Magnesium Test) करवाएं। यदि ब्लड रिपोर्ट में वास्तव में मैग्नीशियम की कमी पाई जाती है, तभी डॉक्टर द्वारा बताई गई सटीक डोज (Dosage) और समय सीमा के अनुसार ही सप्लीमेंट का सेवन करें। प्राकृतिक खाद्य पदार्थों जैसे पालक, केला, डार्क चॉकलेट, तिल, कद्दू के बीज और बादाम को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करना बिना किसी साइड इफेक्ट के मैग्नीशियम स्तर को सुधारने का सबसे सुरक्षित और सर्वोत्तम तरीका है।