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लखनऊ में फॉर्मेलिन से भरा टैंकर पलटा, जहरीली गंध से लोग परेशान; 18 घंटे बाद भी किसान पथ की एक लेन बंद

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किसान पथ पर फॉर्मेलिन रसायन से भरा टैंकर पलटने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टैंकर से रसायन का रिसाव होने के कारण आसपास के लोगों को आंखों, नाक और गले में जलन की शिकायत हुई। हादसा सोमवार शाम बख्शी का तालाब क्षेत्र में मानपुर-बामा अंडरपास के पास हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, टैंकर का टायर फटने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टैंकर सड़क पर पलट गया। पुलिस, दमकल विभाग और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। मंगलवार सुबह तक प्रभावित सड़क पर यातायात प्रतिबंधित रहने और रसायन को निष्क्रिय करने की कार्रवाई जारी रहने की खबरें सामने आईं।

टायर फटने के बाद पलटा फॉर्मेलिन से भरा टैंकर

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, टैंकर हरदोई जिले के संडीला से फॉर्मेलिन लेकर लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र में स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री की ओर जा रहा था। किसान पथ पर मानपुर-बामा अंडरपास के पास टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क पर पलट गया।

टैंकर से रसायन बाहर फैलने लगा, जिसके बाद आसपास के इलाके में तेज गंध महसूस की गई। कई लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हिस्से में आवाजाही रोक दी।

कई किलोमीटर तक गंध फैलने की खबर, लोगों को हुई परेशानी

रसायन के रिसाव के बाद आसपास के गांवों और छात्रावासों में रहने वाले लोगों को परेशानी होने की खबर सामने आई। अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में गंध और जलन के प्रभाव की दूरी को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं। इसलिए पूरे पांच किलोमीटर के क्षेत्र में असर होने के दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

फॉर्मेलिन एक रासायनिक घोल है, जिसमें फॉर्मल्डिहाइड होता है। इसके संपर्क में आने या इसकी वाष्प के संपर्क में रहने से आंखों, नाक, गले और त्वचा में जलन हो सकती है। इसी वजह से घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया और लोगों को प्रभावित इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई।

पुलिस, दमकल और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रभावित सड़क पर बैरिकेडिंग की गई और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। रसायन के फैलाव को नियंत्रित करने और उसे निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ली गई।

प्रशासन की प्राथमिकता रिसाव के प्रभाव को कम करना, लोगों को रसायन के संपर्क से बचाना और सड़क को सुरक्षित बनाना रही। अधिकारियों ने लोगों को घटनास्थल के पास जाने से बचने की सलाह दी। रसायन के संपर्क में आने पर आंखों या त्वचा को साफ पानी से धोने और परेशानी बने रहने पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई।

18 घंटे बाद भी यातायात पर असर

हादसे के बाद किसान पथ के प्रभावित हिस्से में यातायात बाधित हुआ। मंगलवार सुबह तक सड़क की एक लेन बंद रहने की सूचना दी गई। सड़क पर फैले रसायन को निष्क्रिय करने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया के कारण वाहनों की आवाजाही सामान्य होने में समय लग रहा है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे प्रभावित हिस्से से गुजरने से पहले स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग के ताजा निर्देश देखें तथा जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। सड़क कब पूरी तरह खुलेगी, इसकी पुष्टि संबंधित प्रशासन की आधिकारिक सूचना से की जानी चाहिए।

फॉर्मेलिन के संपर्क में आने पर क्या सावधानी बरतें?

फॉर्मेलिन की वाष्प आंखों, नाक, गले और त्वचा में जलन पैदा कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास रहने के बाद जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो उसे प्रभावित क्षेत्र से दूर जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

रसायन को छूने या बिना सुरक्षा उपकरणों के उसे साफ करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित बचाव दल और विशेषज्ञों के निर्देशों का पालन करना सबसे सुरक्षित कदम है।