UP Weather Update: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से यूपी में बदलेगा मौसम, 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हुआ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब मध्य और उत्तरी भारत के मौसम चक्र को सीधे तौर पर प्रभावित करने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, यह चक्रवाती प्रणाली आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों की ओर बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ रही है, जिसके चलते भारी मात्रा में नम हवाएं मैदानी राज्यों की तरफ खिंच रही हैं। 27 अक्टूबर की शाम से ही इसका असर पूर्वी भारत और उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में नजर आने लगेगा। राज्य के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी जैसी नम पुरवाई हवाएं और उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का टकराव प्रदेश में बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाओं का एक गंभीर दौर लेकर आने वाला है।

मौसम केंद्र लखनऊ ने 28 से 30 अक्टूबर के दौरान विशेष रूप से पूर्वी और तराई इलाकों के साथ-साथ मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। चक्रवात के अग्रिम बादलों का सबसे ज्यादा असर वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और संतकबीरनगर जैसे पूर्वांचल के जनपदों में देखने को मिलेगा। इसके अलावा राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और गोंडा-बहराइच के क्षेत्रों में भी घने बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 35 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज झोंके वाली हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका जताई गई है।

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अमूमन दिन में तेज धूप और रात में हल्की सिहरन रहती है, लेकिन चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूरे उत्तर प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज होने का अनुमान है। लगातार बादलों की मौजूदगी और झमाझम बारिश के कारण दिन का पारा 31-33 डिग्री से लुढ़ककर सीधे 23 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके विपरीत, घने बादलों और नमी के कारण रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन 30 अक्टूबर को बारिश की गतिविधि थमने और आसमान साफ होने के तुरंत बाद उत्तर-पश्चिमी शुष्क ठंडी हवाएं तेजी से प्रवेश करेंगी। इससे दिवाली से ठीक पहले राज्यभर में कड़ाके की गुलाबी ठंड और रात के समय ठिठुरन की समय से पहले औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।

अक्टूबर के अंत में होने वाली यह बेमौसम तूफानी बारिश किसानों के लिए गंभीर चिंता का सबब बन सकती है। वर्तमान में राज्य के अधिकांश हिस्सों में खरीफ की मुख्य फसल धान की कटाई और मड़ाई का काम चरम पर है, जबकि कई क्षेत्रों में रबी फसलों जैसे आलू, सरसों और दलहन की बुवाई शुरू हो चुकी है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को स्पष्ट सलाह दी है कि कटी हुई धान की फसल को खुले खेतों से तुरंत हटाकर सुरक्षित शेड या तिरपाल के नीचे रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करें। खेतों में खड़ी सब्जियों की फसलों और दलहन में पानी जमा न होने दें। वहीं, जिला प्रशासनों ने आम जनता से अपील की है कि तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, कमजोर दीवारों, टिन शेड और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और गैर-जरूरी यात्राओं से बचें।