
उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। महिला W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में स्वाति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने स्वाति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हम सभी को उन पर गर्व है।
स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में रचा इतिहास
एशियन पैरा गेम्स 2026 में स्वाति चौधरी ने महिला W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इस मुकाबले में उन्होंने भारत को इस श्रेणी का पहला पदक दिलाया। फाइनल में स्वाति का सामना चीन की तीरंदाज सेन मेंगकान से हुआ। मुकाबले में स्वाति ने 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन बाद में चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 6-4 से जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। स्वाति को रजत पदक मिला, लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया।
CM योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई, कहा- युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्वाति चौधरी को बधाई दी। उन्होंने महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर उनकी सराहना करते हुए उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाति की सफलता देश के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। स्वाति की इस उपलब्धि को पैरा खेलों में मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। <Cite refs={[“turn542638news3″,”turn542638news9”]}/>
क्या है तीरंदाजी की W1 कैटेगरी?
पैरा तीरंदाजी की W1 श्रेणी विशेष शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है। इस वर्ग के खिलाड़ी व्हीलचेयर पर बैठकर तीरंदाजी करते हैं। इस स्पर्धा में निशाने की सटीकता, एकाग्रता, तकनीक और दबाव के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होता है।
स्वाति चौधरी ने इस श्रेणी में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनकी सफलता से भारत में पैरा तीरंदाजी को पहचान मिलने के साथ ही उभरते खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल सकती है।
मेरठ में प्रशिक्षण लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं स्वाति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वाति चौधरी मेरठ की गुरुकुल आर्चरी अकादमी में एथेंस ओलंपियन सत्यदेव प्रसाद से प्रशिक्षण लेती हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। <Cite refs={[“turn542638search0″,”turn542638search1”]}/>
उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
स्वाति चौधरी की सफलता के बीच उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए चल रही योजनाएं भी चर्चा में हैं। राज्य सरकार के अनुसार, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, आर्थिक सहायता, पुरस्कार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में एक जनपद-एक खेल योजना के तहत सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके अलावा लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में पांच स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हैं, जहां 14 खेलों में प्रशिक्षण के साथ आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधाएं दी जाती हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना भी खेल शिक्षा और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के विस्तार की दिशा में एक पहल है।
खिलाड़ियों को पुरस्कार और सरकारी नौकरी के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के साथ सरकारी नौकरियों में अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं।
स्वाति चौधरी का रजत पदक भारतीय पैरा खेलों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बधाई के साथ उनकी सफलता ने उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
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