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जियो आईपीओ की धमाकेदार ओपनिंग, मात्र 100 मिनट में ही हुआ 100% सब्सक्राइब

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्ण अक्षर की तरह दर्ज हो चुका है क्योंकि देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd.) का मेगा आईपीओ जैसे ही सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, इसने उम्मीदों से बढ़कर ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि देश के वित्तीय जगत में तहलका मच गया। निवेशकों में इस आईपीओ को लेकर दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही यह पूरा का पूरा इश्यू 100 प्रतिशत यानी पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। प्राइमरी मार्केट के जानकारों और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी भी बड़े पब्लिक इश्यू द्वारा इतनी तेज रफ्तार से फुल सब्सक्रिप्शन हासिल करने का यह अपने आप में एक नया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स का यह ऐतिहासिक आईपीओ कुल 30,213 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वैल्यू का है, जो इसे भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाता है। कंपनी ने इस पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं, जिसका मतलब है कि रिटेल निवेशकों को आवेदन करने के लिए कम से कम एक निश्चित शुरुआती राशि लगानी होगी। इस मेगा ऑफर की शुरुआत होते ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर बोली लगाने वालों का तांता लग गया। संस्थागत निवेशकों (QIBs), गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) और आम रिटेल निवेशकों ने पहले ही घंटे में जिस तरह से ताबड़तोड़ बोलियां लगाईं, उससे साफ जाहिर हो गया कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की इस ताकतवर डिजिटल आर्म पर निवेशकों का अटूट भरोसा है।

जियो के इस आईपीओ को शुरुआती कुछ ही मिनटों में इतना जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलने के पीछे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIBs की सबसे बड़ी भूमिका रही है। पहले ही दौर में QIB बुक में तय कोटे से कई गुना अधिक बोलियां दर्ज की जाने लगीं, जिससे यह साफ हो गया कि देश-विदेश के बड़े म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियां और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस पर पूरा भरोसा जताया है। इसके साथ ही ग्रे मार्केट (Grey Market Premium – GMP) में भी जियो का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है। अनलिस्टेड और ग्रे मार्केट सर्किट में जियो के शेयर अपने तय ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 22 प्रतिशत तक के तगड़े प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। यदि मौजूदा ग्रे मार्केट का यह रुख लिस्टिंग के दिन तक ऐसा ही बरकरार रहता है, तो निवेशकों को पहले ही दिन बंपर मुनाफा मिलने की पूरी उम्मीद है, जो शेयर बाजार की सुस्ती के बीच एक बड़ी राहत और उत्साह की बात है।

इस मेगा आईपीओ में हर वर्ग के निवेशकों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत कंपनी ने योग्य रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरधारकों (RIL Shareholders) के लिए भी एक अलग से रिजर्वेशन कोटा तय किया है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों के लिए भी आरक्षित हिस्से का प्रावधान किया गया है, ताकि वे इस ऐतिहासिक सफर का सीधा हिस्सा बन सकें। खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (Retail Individual Investors) के लिए नेट ऑफर का कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखा गया है, जिसके चलते आम जनता और छोटे निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर आवेदन करना शुरू कर दिया है। शुरुआती मिनटों के भीतर मिले इस रिकॉर्डतोड़ रिस्पॉन्स को देखकर मार्केट एनालिस्ट्स का यह कहना गलत नहीं होगा कि यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार में निवेश के पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की पूरी क्षमता रखता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ के आने और बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग के बाद कॉर्पोरेट जगत की सबसे बड़ी जंग में भी एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। वित्तीय विश्लेषकों की रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो के सूचीबद्ध (Listed) होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप देश का सबसे मूल्यवान समूह बनने की रेस में टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ने के बेहद करीब पहुंच जाएगा। जियो अकेले ही भारत की चौथी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बनने की दहलीज पर खड़ी है, जिसका मार्केट कैप कई दिग्गज बैंकों और कंपनियों से भी ऊपर आंका जा रहा है। निवेशकों के लिए यह सब्सक्रिप्शन विंडो आने वाले दिनों में बंद होगी और आगामी 28 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक शेयर बाजार में लिस्टिंग तय मानी जा रही है। जिस तरह से इस आईपीओ ने ओपनिंग की है, उससे साफ है कि निवेशकों का यह जोश अंतिम दिन तक बाजार में एक नया इतिहास रचेगा।