Delhi E-Rickshaw New Rules: दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने और खरीदने के बदलेंगे नियम! सरकार ने पेश किया नया ड्राफ्ट, मालिकों से लेकर ड्राइवरों तक पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली/नोएडा/गाजियाबाद (दिल्ली-एनसीआर डेस्क): देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो स्टेशन से घर तक के सफर (Last-Mile Connectivity) को आसान बनाने वाले ई-रिक्शा आज खुद दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, करोल बाग और लक्ष्मी नगर से लेकर उत्तम नगर, द्वारका, रोहिणी, शाहदरा और नोएडा-गाजियाबाद के बॉर्डर इलाकों तक, हर चौराहे और मेट्रो स्टेशन के बाहर ई-रिक्शा का भारी जमावड़ा लगा रहता है। बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ते लाखों अवैध ई-रिक्शा, नाबालिग ड्राइवरों की मनमानी और बिजली चोरी कर होने वाली अवैध चार्जिंग से हो रहे हादसों को देखते हुए अब दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) ने बेहद सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने दिल्ली में ई-रिक्शा के संचालन को पूरी तरह से व्यवस्थित करने के लिए नए नियमों और गाइडलाइंस का एक विस्तृत ड्राफ्ट (E-Rickshaw New Rules Draft) पेश कर दिया है। इस नए मसौदे में ई-रिक्शा के मालिकों (Owners) से लेकर उसे चलाने वाले ड्राइवरों (Drivers) और यहां तक कि डीलरों के लिए भी कड़ी शर्तें तय की गई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नई नीति के लागू होने के बाद दिल्ली की सड़कों पर क्या-क्या बदलने वाला है।

माफिया राज पर लगेगी चोट: एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर होने की तय होगी सीमा

दिल्ली में ई-रिक्शा को लेकर सबसे बड़ी समस्या ‘ठेकेदारी प्रथा’ और ‘ई-रिक्शा माफिया’ की रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई रसूखदार लोगों ने अकेले 50 से 100 ई-रिक्शा खरीद रखे हैं और वे इन्हें रोजाना के किराए (दिहाड़ी) पर बिना किसी वेरिफिकेशन के किसी को भी चलाने के लिए दे देते हैं। नए ड्राफ्ट में इस माफिया राज को खत्म करने का पुख्ता इंतजाम किया गया है। प्रस्तावित नियमों के तहत, अब एक व्यक्ति के नाम पर (आधार और पैन कार्ड के आधार पर) अधिकतम कितने ई-रिक्शा पंजीकृत (Register) हो सकेंगे, इसकी एक सख्त सीमा तय की जाएगी। इसका मकसद यह है कि वास्तविक और जरूरतमंद ऑटो-रिक्शा चालकों को ही स्वरोजगार मिले। इसके अलावा, ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराते समय मालिक को यह भी बताना होगा कि वह अपने वाहन को खड़ा कहां करेगा (Parking Proof) और उसे चार्ज कहां करेगा।

ड्राइवरों के लिए लाइसेंस, पीएसवी बैज, वर्दी और पुलिस वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य

अक्सर देखा जाता है कि दिल्ली की गलियों और मुख्य सड़कों पर 14 से 17 साल के नाबालिग लड़के बिना किसी डर के ई-रिक्शा दौड़ाते नजर आते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। नए ड्राफ्ट में ड्राइवरों के लिए नियम बेहद कड़े किए गए हैं। अब बिना वैध कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (E-Rickshaw Driving License) और पब्लिक सर्विस व्हीकल बैज (PSV Badge) के कोई भी व्यक्ति ई-रिक्शा नहीं चला सकेगा। इतना ही नहीं, यात्रियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर ई-रिक्शा चालक का पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) अनिवार्य किया जा रहा है। ऑटो और टैक्सी चालकों की तर्ज पर ई-रिक्शा ड्राइवरों के लिए भी निर्धारित खाकी या ग्रे रंग की वर्दी पहनना और अपने ई-रिक्शा के अंदर ड्राइवर का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर की प्लेट लगाना जरूरी होगा। नियम तोड़ने वाले ड्राइवर के साथ-साथ उस ई-रिक्शा के मालिक पर भी भारी-भरकम जुर्माना (Challan) लगाया जाएगा।

अवैध चार्जिंग अड्डों पर चलेगा बुलडोजर, बैटरी सुरक्षा के लिए सख्त मानक

दिल्ली में ई-रिक्शा से जुड़ी दूसरी सबसे बड़ी समस्या अवैध चार्जिंग सेंटर्स (Illegal Charging Stations) की है। यमुनापार, बाहरी दिल्ली और अनधिकृत कॉलोनियों में बिजली के खंभों से सीधे कटिया डालकर हर रात हजारों ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं। घटिया क्वालिटी की लेड-एसिड या लोकल लिथियम-आयन बैटरियों को ओवरचार्ज करने की वजह से दिल्ली में आग लगने की कई दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक गई है। नए ड्राफ्ट में स्पष्ट किया गया है कि अब केवल अधिकृत चार्जिंग स्टेशनों, बैटरी स्वैपिंग सेंटर्स (Battery Swapping Stations) या वैध घरेलू/कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन से ही ई-रिक्शा चार्ज किए जा सकेंगे। इसके अलावा, दिल्ली में केवल उन्हीं ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन होगा जिनमें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (AIS-156 मानक वाली) सुरक्षित बैटरियां लगी होंगी। अवैध चार्जिंग कराने वाले मालिकों के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कर उनका ई-रिक्शा सीधे जब्त (Impound) कर स्क्रैप में भेज दिया जाएगा।

जोन और कलर कोडिंग से खत्म होगा ट्रैफिक जाम, वीआईपी सड़कों पर रहेगी नो-एंट्री

दिल्ली की मुख्य सड़कों (Arterial Roads) और मेट्रो स्टेशनों के बाहर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए नए ड्राफ्ट में ‘जोन सिस्टम’ (Zone System) और ‘कलर कोडिंग’ (Colour Coding) का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत पूरी दिल्ली को अलग-अलग जोन में बांटा जा सकता है और हर जोन के ई-रिक्शा का एक निर्धारित रंग या स्टीकर होगा, ताकि एक इलाके का ई-रिक्शा दूसरे इलाके में जाकर भीड़ न बढ़ाए। मेट्रो स्टेशनों के बाहर ई-रिक्शा के लिए ‘हाल्ट एंड गो’ (Halt and Go) स्टैंड बनाए जाएंगे, जहां एक बार में केवल 4 या 5 ई-रिक्शा ही कतार में खड़े हो सकेंगे। इसके साथ ही, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित की गई रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, एनएच-48, मथुरा रोड और नई दिल्ली (NDMC) की 236 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ई-रिक्शा के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध (No Entry) को और सख्ती से लागू किया जाएगा। नए नियमों के लागू होने से न केवल दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक सुगम होगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों का सफर भी पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो सकेगा।